अवैध तरीके से संचालित विद्यालयों पर कार्रवाई के डर से जालसाजों ने नया तरीका अपनाया है। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से कोचिंग का रजिस्ट्रेशन करा हाईस्कूल एवं इंटर तक की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। शुक्रवार को हुई छापेमारी में प्रतापपुर कमैचा विकास खंड क्षेत्र का एक विद्यालय कोचिंग के रजिस्ट्रेशन पर इंटर तक की कक्षा का संचालन करता पाया गया। वहीं दूसरी ओर तीन कमरों के कैंपस में दो अवैध महाविद्यालय चलते पाए गए।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कौस्तुभ कुमार सिंह के नेतृत्व में अमान्य विद्यालयो को बंद कराने के लिए उड़नदस्ता टीम ने शुक्रवार को लगभग 20 अमान्य विद्यालयों को बंद कराया। उड़नदस्ते के निरीक्षण में विकास खंड भदैंया में आरपीएम स्कूल कामतागंज, गायत्री शिक्षा संस्थान पूरे घाना, ज्ञान स्थली स्कूल शंभूगंज, सेंट मैरी स्कूल शंभूगंज अवैध रूप से संचालित होते पाए गए। टीम ने सभी अवैध स्कूलों को बंद कराया।
इसी कड़ी में लंभुआ विकास खंड क्षेत्र के सेंट जोंस स्कूल, डिफेंस ग्लोबल कान्वेंट स्कूल, फोर्ट विलियम इंगलिश मीडियम स्कूल, 21 सेंचुरी एकेडमी, डीपी वर्मा स्कूल हाटा, डिसेंट इंगलिश मीडियम स्कूल लंभुआ भी अवैध रूप से संचालित होते पाया गया। इन सभी विद्यालयों को बंद करा दिया गया। निरीक्षण में 10 ऐसे अवैध विद्यालय भी मिले जो ताला लगाकर गायब रहे। उनमें मकतब नुरुल इस्लाम ज्ञानीपुर, हिंदी पब्लिक स्कूल करोमे, गोल्डन फ्यूचर स्कूल असवा, गोपाल शिक्षण संस्थान गौरा, हेमा कान्वेंट स्कूल, वीपी वर्मा कान्वेंट स्कूल, सरजू देवी शिक्षण संस्थान, रामेश्वर शिक्षण संस्थान, प्रतिभा शिक्षण संस्थान, प्रांजल शिक्षण संस्थान शामिल रहे।
उड़नदस्ता टीम ने खंड शिक्षाधिकारी संजय यादव, अश्विनी सिंह, एसबी सिंह, सुशील त्रिपाठी, राकेश पांडेय, पंकज यादव, बृजेश सिंह, राहुल तिवारी, राजेश सिंह शामिल रहे। वहीं दूसरी ओर प्रतापपुर कमैचा खंड शिक्षाधिकारी अखिलेश वर्मा के निरीक्षण में यूनिक कोचिंग क्लासेज के रजिस्ट्रेशन पर इंटर स्तर तक यूनिक पब्लिक स्कूल चलता पाया गया। उधर एक ऐसा भी मामला मिला जिसमें तीन कमरों के कैंपस में दो महाविद्यालय संचालित होते पाए गए। मां कृपाली देवी संगीत महाविद्यालय एवं मूलचंद्र मेमोरियल संस्कृत महाविद्यालय शुकुल उमरी एक ही कैंपस में संचालित होते पाया गया। इसी कैंपस में मां कृपाली मूलचंद्र आदर्श इंटर कॉलेज का भी संचालन होता दिखा। बीईओ ने बताया कि इस विद्यालय में लगभग एक हजार की तादाद में बच्चे अध्ययनरत हैं।