सुल्तानपुर। जिले के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की बुनियादी शिक्षा मजबूत करने के लिए सितंबर में शिक्षा चौपाल और टीएलएम (शिक्षण-अधिगम सामग्री) मेला आयोजित होगा। निपुण भारत मिशन के तहत होने वाले इस आयोजन में शिक्षक अपने नवाचारी मॉडल प्रदर्शित करेंगे। उपयोगी और प्रभावी मॉडल बनाने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा।
जिले में 2,064 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। जिला समन्वयक प्रशिक्षण अपेक्षा त्रिपाठी ने बताया कि इन स्कूलों में बच्चों को पढ़ने, लिखने और बुनियादी गणितीय अवधारणाओं में दक्ष बनाने पर जोर है। इसके लिए गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। टीएलएम मेले में शिक्षक ऐसे मॉडल प्रस्तुत करेंगे, जिनसे कठिन विषयों को बच्चों के लिए सरल और रुचिकर बनाया जा सके। शिक्षा विभाग ने मेले के लिए शिक्षकों को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। चयनित शिक्षकों के मॉडल प्रदर्शनी में रखे जाएंगे। दूसरे विद्यालयों के शिक्षक इनका अवलोकन कर अपने स्कूलों में भी उपयोग कर सकेंगे।
शिक्षा चौपाल में अभिभावकों की होगी भागीदारी
बीएसए उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि शिक्षा चौपाल के जरिये विद्यालय, अभिभावक और समुदाय के बीच बेहतर समन्वय बनाया जाएगा। बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर रहेगा। घर पर पढ़ाई के माहौल और उनकी सीखने की प्रगति को लेकर अभिभावकों से सीधा संवाद किया जाएगा।
निपुण भारत मिशन के लक्ष्य
निपुण भारत मिशन के तहत कई महत्वपूर्ण लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। इनमें बच्चों को बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान में दक्ष बनाना शामिल है। गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा देना इसका एक प्रमुख उद्देश्य है। शिक्षकों के स्थानीय नवाचारों को साझा करना इस मिशन का हिस्सा है। अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई से जोड़ना भी एक अहम लक्ष्य है।