सुल्तानपुर। मौसम में बदलाव और उमस से वायरल बुखार तेजी से फैल रहा है। बुखार के साथ मरीजों में सिर, गले और मांसपेशियों में दर्द की शिकायत बढ़ी है। कमजोरी और थकान भी बनी हुई है, जिससे हालत गंभीर होने पर मरीजों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा है।
मंगलवार को मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में वायरल बुखार के 75 फीसदी से अधिक मरीज देखे गए। बाल रोग विशेषज्ञ दिनेश के अनुसार, ओपीडी में आने वाले करीब 60 फीसदी बच्चे वायरल बुखार से पीड़ित हैं। बच्चों में तेज बुखार, गले में दर्द, सूजन और सिरदर्द के लक्षण मिल रहे हैं। फिजिशियन आरपी द्विवेदी ने बताया कि पिछले दो सप्ताह में वायरल बुखार के मरीज लगभग दोगुने हो गए हैं। इन मरीजों को बुखार, सिरदर्द, गले में खराश और भोजन निगलने में परेशानी हो रही है। कई मरीजों में प्लेटलेट्स की संख्या कम पाई जा रही है।
चिकित्सकीय सलाह और दवा लेने से शुरुआती लक्षणों में तीन से पांच दिन में राहत मिल रही है। पयागीपुर की सुषमा मिश्रा को पांच दिन से लगातार बुखार है, दवा के बाद भी पूरी राहत नहीं मिली। लंभुआ की मोहना के 12 वर्षीय बेटे आर्यन को शुक्रवार से बुखार और सिरदर्द है, डॉक्टर ने जांच कराने की सलाह दी है।
उमस से बढ़ा त्वचा संक्रमण
त्वचा रोग विशेषज्ञ दीप्ती राजौरिया ने उमस और गर्मी में फंगल संक्रमण बढ़ने की जानकारी दी। पसीना अधिक आने से यह संक्रमण तेजी से फैल रहा है। धूप से एलर्जी और शरीर पर चकत्तों की शिकायतें भी बढ़ी हैं। गर्दन, चेहरे और शरीर के खुले हिस्सों पर इसका असर ज्यादा दिख रहा है।
संक्रमण से बचाव के उपाय
संक्रमण से बचने के लिए खुले में बनी और गंदगी वाली खाद्य सामग्री न खाएं। बुखार होने पर पैरासिटामॉल लेने के साथ आराम करें और राहत न मिलने पर डॉक्टर को दिखाएं। बच्चों को उबालकर ठंडा किया हुआ पानी पिलाना चाहिए। बासी भोजन, कटे फल और लंबे समय से फ्रिज में रखे खाद्य पदार्थों से बचें।