सुल्तानपुर। मेडिकल कॉलेज में संसाधन बढ़ने के साथ ही मरीजों की भीड़ भी उमड़ रही है। जिससे व्यवस्थाएं नाकाफी साबित होने लगीं हैं। मौसमी बीमारियों की चपेट में आकर लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें इलाज के लिए घंटों भटकना पड़ रहा है। काउंटरों की संख्या की कम होने से लंबी कतार लग रही है।
मरीज व तीमारदार फर्श पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करने को मजबूर हैं। ओपीडी से लेकर दवा काउंटर तक मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि काउंटर बढ़ाने पर ही मरीजों को सहूलियत मिल पाएगी। मंगलवार को महिला अस्पताल में 600 तो पुरुष अस्पताल में 1831 मरीज आए।
जांच कराना कठिन, लग जाते हैं तीन से चार घंटे
समय- दोपहर 12:46 बजे
मेडिकल कॉलेज में जांच की प्रक्रिया जटिल है। इसके लिए मरीजों को एक बार कतार में लगकर वाॅयल लेना होता है, फिर शुल्क जमा करने के लिए दोबारा लाइन में लगना पड़ता है, तब कहीं जाकर लैैब तक मरीज पहुंच पाते हैं। इस समय वायरल फीवर का प्रकोप बढ़ा है, ऐसे में अधिकतर मरीजों को चिकित्सक जांच कराने की सलाह दे रहे हैं। जांच कराने वालों की संख्या भी बढ़ गई है। बंधुआकला से इलाज के लिए आए नसीम ने बताया कि सुबह नौ बजे आए हैं। पर्चा बनवानेे के लिए लाइन में लगे, फिर डॉक्टर को दिखाने, उसके बाद वाॅयल लेने के लिए फिर से लाइन में लगना पड़ा। शुल्क जमा करने के लिए दोेबारा लाइन लगाया, इसके बाद जांच हो सकी। तीन घंटे बीतने के बाद भी अभी दवा नहीं ले पाया।
समय- दोपहर 12:50 बजे
दवा लेना हुआ मुश्किल
इलाज कराने आए बंधुआकला के शमीम ने बताया कि रजिस्ट्रेशन, ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के लिए लाइन, फिर वहां से दवा लेने के लिए काउंटर पर कतार लगाना पड़ा। मरीजों की भीड़ की वजह से दवा लेना मुश्किल हो गया तो बाहर से दवा ली। गंभीर रूप से पीड़ित मरीज दवा लेने के लिए जूझते दिखे। गोसाईगंज के कुलदीप ने बताया कि अपनी चाची को दिखाने सुबह 10 बजे आ गए। दवा लेने के लिए तीसरी जगह लाइन लगाए हैं। दोे घंटा होने वाला है, अभी तक दवा नहीं मिल पाई है।
फर्श पर बैठे दिखे मरीज
समय- दोपहर 12:51 बजे
ओपीडी में तीमारदार व मरीजों की भीड़ बढ़ने से मौजूद बेंच कम पड़ गई। यहां मरीज फर्श पर बैठे दिखे। इसके अलावा कई मरीज व तीमारदार फर्श व सीढि़यों पर बैठे रहे। रजिया ने बताया कि सुबह आने के बाद कई घंटे बीत गए। लाइन में खड़े रहने से पैरों में दर्द होने लगा। बैठने को बेंच नहीं मिली, तो फर्श पर ही बैठ गए।
सुझाव
मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए संसाधन बढ़े हैं, लेकिन मैनपॉवर कम होने से मरीजों को दिक्कत हो रही है। इसके लिए पंजीयन काउंटर से लेकर दवा वितरण के काउंटर बढ़ाए जाने की जरूरत है। रक्त सैंपल के लिए वॉयल लेने व शुल्क जमा करने की व्यवस्था एक ही जगह की जाए, तो मरीजों को बार-बार लाइन में लगने से राहत मिले। बैठने के लिए कुर्सी व बेंच बढाई जाए तो मरीजों की दिक्कतें कम होंगी।
पर्याप्त व्यवस्था की गई
चिकित्सकों के बेहतर परामर्श देने, इलाज की बेहतर सुविधा व मौसमी बीमारियों के प्रकोप से इन दिनों भीड़ ज्यादा आ रही है। पर्याप्त व्यवस्था की गई है। अन्य दुश्वारियों को भी दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।-डॉ.सलिल श्रीवास्तव, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज