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मोक्ष की इच्छा रहेगी तो नहीं मिलेंगे भगवान : रामभद्राचार्य

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विजेथुआ धाम में बाल्मीकि रामायण सुनाते राम भद्राचार्य। - फोटो : विजेथुआ धाम में बाल्मीकि रामायण सुनाते राम भद्राचार्य।
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सूरापुर। विजेथुआ महोत्सव में वाल्मीकि रामायण सुना रहे तुलसी पीठाधीश्वर राम भद्राचार्य ने शुक्रवार को कहा कि जब तक मोक्ष की इच्छा रहेगी, व्यक्ति ईश्वर को नहीं पा सकता। जो मुक्त हो जाते हैं, वे भी भगवान राम की शरण चाहते हैं। मुक्त भगवान के गले का मुक्ताहार बनता है और भक्त भगवान के चरणों की सेवा करता है। उन्होंने कहा कि राम सीता और लक्ष्मण यही तीन हमारे आराध्य हैं। रामायण में वाल्मीकि कहते हैं राम परमात्मा, सीता भक्ति व लक्ष्मण वैराग्य हैं।
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वैराग्य और भक्ति से ही परमात्मा को प्राप्त किया जा सकता है। महंत राजूदास ने कहा कि राम भद्राचार्य हम सबके आदर्श है। वे सनातन का झंडा बुलंद करने वालों के संरक्षक हैं। उनकी इच्छा है कि पाक अधिकृत कश्मीर शीघ्र ही भारत में शामिल हो। आयोजक विवेक तिवारी के अनुज डॉ. रत्नेश तिवारी ने सपत्नीक व्यास पीठ का पूजन किया। तुलसी पीठ के उत्तराधिकारी रामचंद्र दास ने गुरु अर्चन किया। इस दौरान विधायक राजेश गौतम, गोपाल राय, आशुतोष सिंह मोहित, भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी, नगर पंचायत के चेयरमैन आनंद जायसवाल, आनंद द्विवेदी, ज्ञानेंद्र विक्रम सिंह रवि सहित बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद रहे।
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