सुल्तानपुर। वाहन का प्रदूषण प्रमाणपत्र (पीयूसी) बनवाने जा रहे हैं तो पहले आरसी में दर्ज मोबाइल नंबर जांच लें। नंबर बंद, गलत या किसी दूसरे व्यक्ति का है तो पीयूसी बनवाने में अड़ंगा लग सकता है। नई व्यवस्था में प्रदूषण जांच केंद्र पर वाहन का सत्यापन होने के बाद आरसी में दर्ज मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा। सही ओटीपी दर्ज होने के बाद ही पीयूसी प्रमाणपत्र जनरेट होगा।
विभागीय सूत्रों के अनुसार जिले में करीब तीन हजार वाहनों की आरसी में दर्ज मोबाइल नंबर या तो बंद हैं या मिसमैच हैं। एआरटीओ प्रशासन अलका शुक्ला ने बताया कि ओटीपी आरसी में दर्ज मोबाइल नंबर पर ही आएगा। इसलिए वाहन स्वामी पीयूसी बनवाने से पहले अपना मोबाइल नंबर अपडेट करा लें। मोबाइल नंबर परिवहन सेवा पोर्टल के माध्यम से भी बदला जा सकता है। इसके लिए वाहन नंबर, चेसिस नंबर और इंजन नंबर दर्ज करना होगा। डिजिटल आरसी खुलने के बाद नया मोबाइल नंबर दर्ज कर उसे सेव किया जा सकता है। कोई भी वाहन स्वामी कार्यालय में आधार कार्ड, आरसी की प्रति और नया मोबाइल नंबर लेकर संशोधन करा सकता है।
फर्जी पीयूसी पर कसेगा शिकंजा
नई व्यवस्था से बिना वाहन की वास्तविक जांच कर पीयूसी जारी करने पर प्रभावी रोक लग सकेगी। एआरटीओ प्रशासन के मुताबिक बिना वैध पीयूसी के वाहन चलाने पर नियमानुसार जुर्माना लगाने का प्रावधान है। बार-बार नियम तोड़ने पर आरसी निलंबित करने तक की कार्रवाई हो सकती है।