सुल्तानपुर। यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 को नकल मुक्त और पारदर्शी बनाने की दिशा में माध्यमिक शिक्षा परिषद ने बड़ा कदम उठाया है। इस बार परीक्षार्थियों को दी जाने वाली उत्तर पुस्तिकाओं के स्वरूप और डिजाइन में अहम बदलाव किया गया है।
चौड़ाई वाली फॉर्मेट में मिलने वाली कॉपियां इस बार सीधे (लंबाई वाले) फॉर्मेट में उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही उत्तर पुस्तिकाओं के प्रत्येक पन्ने पर विशेष कलर कोडिंग के साथ माध्यमिक शिक्षा परिषद का मोनोग्राम अंकित रहेगा। जिससे डुप्लीकेट यानी नकली कॉपियां तैयार करना लगभग असंभव हो जाएगा।
जिले में इस बार 122 केंद्रों पर 76,694 हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इसमें हाईस्कूल के 40122 व इंटरमीडिएट के 36572 परीक्षार्थी शामिल हैं। सह जिला विद्यालय निरीक्षक जटा शंकर ने बताया कि इस व्यवस्था से नकल, कॉपियों की अदला-बदली और गड़बड़ी की संभावनाएं काफी हद तक समाप्त हो जाएंगी। नए लेआउट में परीक्षार्थियों को लिखने के लिए अधिक स्थान मिलेगा, इससे उत्तर अधिक स्पष्ट, व्यवस्थित और पढ़ने में आसान होंगे। यहां पर हर स्तर पर कॉपियों की पहचान सुनिश्चित की जा सकेगी और किसी भी अनियमितता को तुरंत पकड़ा जा सकेगा।
रंग कोड से होगी कॉपियों की पहचान
इंटरमीडिएट (12वीं) ए कॉपी : 24 पन्ने, पहले पृष्ठ पर मैजेंटा रंग
इंटरमीडिएट (12वीं) बी कॉपी : 12 पन्ने, हरे रंग में
हाईस्कूल (10वीं) ए कॉपी : 18 पन्ने, ब्राउन रंग
हाईस्कूल (10वीं) बी कॉपी : 12 पन्ने, ग्रीन रंग
नकल पर प्रभावी नियंत्रण की पहल
यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उत्तर पुस्तिकाओं में रंग आधारित कोडिंग और प्रत्येक पन्ने पर परिषद का मोनोग्राम अंकित किया गया है। लंबाई वाली कॉपियों के कारण पास बैठे परीक्षार्थियों के बीच कॉपी बदलने की आशंका भी लगभग समाप्त हो जाएगी।
-सूर्य प्रकाश सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक