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कोई गिनकर बताए जिले में बेसिक शिक्षा के कितने जूनियर व प्राथमिक विद्यालय

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सुल्तानपुर। ग्राम पंचायत स्तर पर शिक्षा व विकास का कार्य देखने वाले बेसिक शिक्षा व पंचायतराज विभाग को प्राथमिक व जूनियर विद्यालयों की सही संख्या का भी पता नहीं है। अब कोई उन्हें गिनकर बताए कि जिले में कितने प्राइमरी व जूनियर विद्यालय संचालित हैं।
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यह चकरा देने वाला मामला चार दिन पहले कंपोजिट ग्रांट व ऑपरेशन कायाकल्प योजना के तहत विद्यालयों में कराए गए कार्य को लेकर आयोजित बैठक में मुख्य विकास अधिकारी के सामने आया है।
विद्यालयों में कराए गए कार्य के संबंध में जब सीडीओ ने दोनों विभागों से कुल संख्या मांगी तो दोनों ने अलग-अलग आंकड़ा प्रस्तुत कर दिया। विद्यालयों की संख्या का भिन्न आंकड़ा देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी चकरा गए। उन्होंने दोनों विभागों से दोबारा सही आंकड़ा मांगा है। सीडीओ के रवैए से दोनों विभाग सकते में आ गए हैं।
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करीब चार दिन पहले मुख्य विकास अधिकारी अतुल वत्स ने प्राथमिक व जूनियर विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प व कंपोजिट ग्रांट से प्राथमिक व जूनियर विद्यालयों में कराए गए कार्य को लेकर बैठक बुलाई थी। बैठक में पहुंचे खंड शिक्षा अधिकारी व एडीओ पंचायत से विद्यालयों में कराए गए कार्य के बारे में सीडीओ एक-एक करके जानकारी लेने लगे।
सूत्रों के मुताबिक दोनों विभागों के अधिकारियों ने विद्यालयों में अपनी योजना से कार्य करना बता दिया। इस पर सीडीओ दोनों विभागों से प्रत्येक ब्लॉकों में स्थित कुल विद्यालयों की संख्या पूछ ली। संख्या पूछते ही एडीओ पंचायत व खंड शिक्षा अधिकारी भटक गए। दोनों ने आनन-फानन में विद्यालयों की कुल संख्या का अलग-अलग आंकड़ा प्रस्तुत कर दिया।
दोनों विभागों का भिन्न आंकड़ा देखते हुए सीडीओ चकरा गए। नाराजगी जताते हुए सीडीओ ने दोनों विभागों से कुल विद्यालयों की सही संख्या व अपने विभाग से कराए गए कार्य का अलग-अलग आंकड़ा मांगा है। इसमें पंचायतराज विभाग से विद्यालयवार ऑपरेशन कायाकल्प योजना से कराए गए कार्य व बेसिक शिक्षा विभाग से कंपोजिट ग्रांट से कराए गए विद्यालयवार कार्य का ब्यौरा मांगा है।
फिलहाल दोनों विभाग फिर से विद्यालयों की गिनती करना व अपने विभाग से कराए गए कार्य का ब्यौरा जुटाने में लग गए हैं। सीडीओ के रुख से दोनों विभागों पर कार्रवाई का खतरा मंडराने लगा है। सूत्रों के मुताबिक दोनों विभागों ने एक ही विद्यालय में कार्य कराना दर्शा दिया है। इसमें एक ही कार्य दोनों विभागों के भी शामिल हैं।
मुख्य विकास अधिकारी अतुल वत्स ने बताया कि प्रकरण सही है। दोनों विभाग सही संख्या नहीं बता सके। एक कार्य को दोनों विभाग अपना बता रहे हैं। कंपोजिट ग्रांट में कार्य के 14 बिंदु शामिल हैं। इस योजना से जो कार्य नहीं हो सकता उसे ग्राम पंचायत से कराया जाना है लेकिन आंकड़ा सही नहीं आने से दोनों विभागों को दोबारा आंकड़ा देने का मौका दिया गया है। समीक्षा के बाद आगे की कार्यवाही होगी।
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