सुल्तानपुर। विश्व पर्यावरण दिवस पर शुक्रवार को जिले में बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान की शुरुआत होगी। इस बार पर्यावरण संरक्षण के साथ धार्मिक आस्था को जोड़ते हुए पीपल, बरगद और पाकड़ के पौधों के रोपण पर विशेष जोर दिया गया है। वन विभाग का मानना है कि हरिशंकरी के रूप में प्रसिद्ध ये तीनों वृक्ष पर्यावरण संतुलन, जैव विविधता संरक्षण और छायादार हरित क्षेत्र विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जिले की 979 ग्राम पंचायतों में पौधरोपण की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। अभियान के तहत वर्ष 2026-27 में कुल 47,22,181 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वन विभाग की 22 नर्सरियों में 82 लाख पौधे तैयार किए गए हैं। इनमें शीशम, सागौन, सेमल, जामुन, अर्जुन, बेल, सहजन, आंवला, नीम, इमली, पीपल, पाकड़ और बरगद सहित कई प्रजातियां शामिल हैं। प्रभागीय वनाधिकारी अमित सिंह ने बताया कि पर्यावरण दिवस पर शहर के खुर्शीद क्लब मैदान में कार्यक्रम आयोजित किया गया है। एक से सात जुलाई तक वन महोत्सव मनाया जाएगा।
ग्राम पंचायतों को सौंपी जाएगी पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी
डीएफओ ने बताया कि पीपल, बरगद और पाकड़ को संयुक्त रूप से हरिशंकरी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के साथ ये वृक्ष लंबे समय तक जीवित रहते हैं। पौधरोपण के बाद पौधों की सुरक्षा, सिंचाई और संरक्षण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को सौंपी जाएगी।