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25 वार्डों में जलाई जाएगी होलिका

Fri, 10 Mar 2017 10:24 PM IST
Amarujala Bureau
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होली के बिखरे रंग - फोटो : अमर उजाला
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रंगों के पर्व होली के नजदीक आते ही घर-घर में इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। होलिका दहन को लेकर शहर व ग्रामीण अंचल के लोग लकड़ी की व्यवस्था में जुट गए हैं। बाजार में होली की खरीददारी को लेकर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी है। लोग चिप्स, पापड़, मिठाई, बच्चों के लिए रंग बिरंगी पिचकारी, अबीर-गुलाल आदि सामानों की खरीद कर रहे हैं। इस बार 25 वार्डों में होलिका दहन होगा। 
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यूं तो जिले में होली की तैयारी एक महीने पहले शुरू हो जाती है। बसंत पंचमी के दिन प्रतीक स्वरूप होलिका चौराहों और तिराहों पर गाड़ी जाती है। उसके एक महीने बाद फाल्गुनी पूर्णिमा के दिन होलिका का दहन किया जाता है। कई बार ऐसा भी देखा गया है कि मुहूर्त निकलने के बाद भी लोग अपनी मर्जी से होलिका में आग लगाते हैं। विद्वान आचार्यों का मानना है कि ऐसा नहीं करना चाहिए।

ज्योतिषाचार्य पंडित राम किशोर त्रिपाठी के मुताबिक विधि-विधान से होलिका दहन करना फलदायी होता है। ऐसा करने वाले लोग भगवान विष्णु की कृपा के पात्र होते हैं। शुक्रवार को शहर व ग्रामीण अंचल की बाजारों में होली की तैयारी को लेकर लोगों की भीड़ लगी रही। घर के बड़े-बुजुर्ग बच्चों को लेकर उनके मनपसंद की पिचकारी, होली खेलने के लिए कपड़े, टोपी व रंग की खरीददारी की। सुबह से शाम तक किराना, मिष्ठान आदि दुकानों पर खरीददारों का जमावड़ा लगा रहा। 
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शहर व ग्रामीण अंचल में होता होलिका दहन
शहर में शाहगंज चौराहा, डाकखाना चौराहा, कुड़वारनाका, चौक, विवेकनगर, बढ़ैयावीर, सीताकुंड, गभड़िया, दरियापुर तिराहा, करौंदिया समेत कई प्रमुख स्थानों पर होलिका जलाई जाती है। होलिका जलाने के लिए तो कई स्थानों पर लकड़ियों का ढेर भी लग गया है। इसके अलावा शहर के 25 वार्डों में होलिका दहन किया जाता है। यही हाल ग्रामीण क्षेत्र का भी है। गांव के उत्साही युवा व बच्चे घर-घर पहुंच होलिका जलाने के लिए लोगों के यहां लकड़ी मांग रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक ग्राम पंचायत के सभी पुरवों में होलिका दहन किया जाता है। 
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