सुल्तानपुर। संपत्ति हड़पने के लिए अमेठी का लालू सुल्तानपुर में आकर हरिश्चंद्र बन गया। विद्यालय से फर्जी टीसी बनवाई और इसी आधार पर निवास प्रमाण पत्र और मतदाता पहचान पत्र जारी करवा लिया।
एसडीएम सदर और कमिश्नर की अदालत से अपने पक्ष में डिक्री भी ले ली। जब मामले का खुलासा हुआ तो मजिस्ट्रेट भी हैरत में पड़ गए। सीओ सिटी प्रशांत सिंह की स्वीकृति पर छल, जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने की धाराओं में धम्मौर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
मामला धम्मौर थाने के पलिया ग्राम पंचायत से जुड़ा है। गांव निवासी रामसमुझ के चाचा भोंदू निसंतान थे। संपत्ति का लाभ लेने के लिए लालू निवासी पूरे इंदई का पुरवा, मजरे संभावा थाना गौरीगंज, जिला अमेठी ने साजिश रची। वह कागजात में भोंदू का फर्जी बेटा बन बैठा। कुड़वार के एक विद्यालय से फर्जी टीसी जारी कराई। इसी आधार पर फर्जी मतदान पहचान पत्र और निवास प्रमाण पत्र बनवा लिया।
इतना ही नहीं एसडीएम सदर और कमिश्नरी न्यायालय से वरासत कराते हुए जमीन का मालिक बन बैठा। फर्जीवाड़े की पोल खुली तो राजस्व अधिकारियों के पैरों तले जमीन खिसक गई। एसडीएम सदर विपिन द्विवेदी के आदेश पर हुई जांच में तहसीलदार सदर ने फर्जी मतदाता पहचान पत्र बनाए जाने की पुष्टि की।
विद्यालय से फर्जी टीसी और फर्जी निवास प्रमाणपत्र की पुष्टि हुई। इसके बाद धम्मौर थाने में लालू उर्फ हरिश्चंद्र के साथ ही उसके सहयोगी परशुराम जायसवाल, गोकुल प्रसाद, राम कीर्तन सिंह निवासी पलिया थाना धम्मौर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
थानाध्यक्ष अंजू मिश्रा ने बताया कि लालू उर्फ कथित हरिश्चंद्र और परशुराम जायसवाल को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य दोनों साजिश कर्ता गोकुल और राम कीर्तन भाग निकले हैं। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।