सिखों के 10 वें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह का प्रकाशोत्सव जिले में बृहस्पतिवार को हर्षोल्लास से मनाया गया। शहर में पंज प्यारे की अगुवाई में शोभायात्रा निकली। नगर कीर्तन का मुख्य आकर्षण पंजाब से आए ‘वीर खालसा दल’ के गतका की शस्त्र विद्या का करतब रहा। दल में शामिल युवाओं के हैरतअंगेज करतब देखने के लिए भारी भीड़ जमा रही।
गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा के तत्वावधान में बृहस्पतिवार को शहर के पंजाबी कॉलोनी स्थित गुरुद्वारे में सिखों के 10वें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह का 350वां प्रकाशोत्सव हर्षोल्लास से मनाया गया। बीते तीन जनवरी से चल रहे श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अखंड पाठ का बृहस्पतिवार को समापन हुआ। इसके बाद ज्ञानी कुलदीप सिंह सागर के जत्थे ने गुरुवाणी के कीर्तन व गुरु इतिहास से संगत को निहाल किया।
सभा के चेयरमैन हरभजन सिंह ने गुरुजी के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ‘मानस की जाति सब ऐके पहचानबो’। संयोजक इंद्रजीत सिंह व महासचिव सुदीप पाल सिंह ने कहा कि गुरुजी का धर्म युद्ध किसी वर्ग व जाति के प्रति नहीं था। केवल दुष्टों व अत्याचारियों का नाश कर मानवता के कल्याण के लिए था। दोपहर 11 बजे से गुरुद्वारे में आयोजित कार्यक्रम में सभी संगतों ने मिलकर लंगर छका।
दोपहर दो बजे से नगर कीर्तन शोभायात्रा निकाली गई। शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए शोभायात्रा देर शाम गुरुद्वारा पहुंची। इस दौरान वीर खालसा दल का गतका विशेष आकर्षण रहा। दल में शामिल युवाओं ने ट्यूबलाइट, तलवारबाजी, आग का गोला समेत कई करतब दिखाकर लोगों को अचंभित कर दिया। नौजवानों ने आतिशबाजी कर खुशी मनाई। श्री गुरुनानक विद्यालय के छात्र अनुशासित ढंग से प्रधानाचार्य के नेतृत्व में नगर कीर्तन में शामिल हुए। नगर कीर्तन की वापसी पर कीर्तन दरबार सजा व लंगर आयोजित हुआ। वहीं, नगर कीर्तन के दौरान विभिन्न स्वयंसेवी संस्थानाओं ने रास्ते में नाश्ता, चाय आदि का प्रबंध किया था।