सुल्तानपुर। शादी करने के बाद मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में पंजीकरण कराकर लाभ लेने के मामले का भंडाफोड़ होने के बाद समाज कल्याण विभाग गंभीर हो गया है। फर्जीवाड़ा करके योजना को पलीता लगाने के मामले में समाज कल्याण अधिकारी ने जांच के निर्देश दिए हैं। अन्य ब्लॉकों व जिला पंचायत में गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए सभी को पड़ताल के लिए पत्र जारी किया गया है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 11 दिसंबर को जिले में कराई गई 1004 जोड़ों की शादी में पूर्व में विवाह कर चुके कुछ जोड़ों को शामिल करके सरकार की योजना को पलीता लगाया गया है। प्रतापपुर कमैचा विकास खंड से इसका खुलासा होने पर समाज कल्याण विभाग गंभीर हो गया है। प्रतापपुर कमैचा विकास खंड के पूनीभीमपट्टी गांव के ही तीन-चार जोड़ों को विवाह के उपरांत उन्हें सामूहिक विवाह योजना में शामिल करके लाभ के लिए दोबारा शादी करा दी गई। इसके अलावा अन्य गांवों के भी पूर्व में शादी कर चुके कुछ जोड़ों को शामिल करा दिया गया।
अमर उजाला की ओर से इसका खुलासा किए जाने के बाद समाज कल्याण अधिकारी ने इसे गंभीरता से लिया है। अन्य विकास खंडों व जिला पंचायत में भी गड़ब़ड़ी की आशंका के मद्देनजर समाज कल्याण अधिकारी रणविजय सिंह ने खंड विकास अधिकारियों व अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों व जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी से सामूहिक विवाह योजना में कराई गई जोड़ों की शादी का दोबारा जांच पड़ताल करने को कहा है। अधिकारियों से जांच रिपोर्ट जल्द मांगी है।
दोबारा शादी करने पर प्रमाणपत्र होगा निरस्त
जिला समाज कल्याण अधिकारी रणविजय सिंह ने बताया कि अभी तक किसी लाभार्थी के खाते में धनराशि नहीं भेजी गई है। सभी खंड विकास अधिकारियों व अपर मुख्य अधिकारी को पत्र लिखकर उनसे अपने यहां पंजीकरण कराकर कराई गई शादी का दोबारा जांच करके रिपोर्ट देने कहा गया है। जांच में दोबारा शादी पाए जाने पर उसे निरस्त कर दिया जाएगा।