सुल्तानपुर। गोमती नदी के तट पर स्थित सीताकुंड घाट पर गोमती कॉरिडोर बनाया जाएगा। शासन ने कार्ययोजना में शामिल करते हुए इसकी स्वीकृति दे दी है। रामायणकालीन मान्यताओं से जुड़े धार्मिक स्थल के विकास से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही श्रद्धालुओं को सुविधाएं भी मिलेंगी।
शहर भाजपा विधायक विनोद सिंह ने गोमती नदी के सीताकुंड घाट पर गोमती कॉरिडोर बनाकर विकसित करने की मांग करते हुए पर्यटन विकास मंत्री को पत्र लिखा था। इसका प्रस्ताव पर्यटन विभाग की ओर से भेजा गया था। विधायक के पत्र पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने इसे चालू वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना में शामिल करवा दिया है। सीताकुंड घाट का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। इसमें प्रकाश व्यवस्था, नई सीढि़यां, मंदिरों का कायाकल्प, श्रद्धालुओं के ठहराव के बंदोबस्त व अन्य कार्य कराए जाएंगे।
कॉरिडोर का निर्माण करके व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रभारी जिला पर्यटन अधिकारी डॉ. धीरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि शासन की स्वीकृति मिल गई है। कराए जाने वाले कार्यों का जल्द ही एस्टीमेट तैयार किया जाएगा।
वनगमन के समय सीताजी ने किया था इस घाट पर स्नान
मान्यता है कि राम वन गमन के समय श्रीराम, सीताजी व अपने भाई लक्ष्मण के साथ अयोध्या से शहर के गोमती नदी घाट पहुंचे। यहां पर सीताजी ने गोमती नदी में स्नान करने के बाद पूजन किया था। इसके बाद प्रयागराज की ओर बढ़े। बताया जाता है कि इसी के बाद गोमती नदी के इस घाट का नाम सीताकुंड पड़ा। तब से प्रत्येक स्नान पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां डुबकी लगाते आ रहे हैं।