अक्षय तृतीया पर्व पर सोने की खरीदारी शुभ मानते हुए लोगों ने सोमवार को सोने के आभूषण खरीदे। बीते वर्ष की तुलना में इस बार अक्षय तृतीया पर सोने के भाव में वृद्धि दर्ज की गई। इस बार लोगों ने ब्रांडेड डायमंड ज्वेलरी को खास तवज्जो दी।सहालग का समय बीत जाने से लोगों ने छोटे आभूषणों की खरीद में ही दिलचस्पी दिखाई।
वैशाख माह (अप्रैल-मई) के शुक्ल पक्ष के तीसरे दिन पड़ने वाली अक्षय तृतीया वैदिक कलेंडर के चार सर्वाधिक शुभ दिनों में एक मानी गई है। इस दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों का प्रकाश एक साथ अपने चरम पर होता है। मान्यता है इसी दिन भगवान परशुराम का जन्म भी हुआ था। अक्षय का अर्थ, जिसका कभी क्षय न हो अर्थात जो कभी समाप्त न हो। यानि इस दिन खरीदा और धारण किया गया सोने-चांदी का गहना अखंड सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।
इसी मान्यता के साथ सोमवार को शहर के चौक व ठठेरी बाजार इलाके में लोगों की भीड़ देखी गई। ग्राहकों ने केवल शुभ के तौर पर सोने की खरीदारी की। खासकर लोगों ने अंगूठी, झुमके, कील जैसे छोटे आइटम ही खरीदे। हालांकि पिछले साल की अपेक्षा इस बार सोने की प्रति 10 ग्राम खरीद पर करीब पांच हजार रुपये की वृद्धि हुई है। सहालग का मौसम बीत जाने से अक्षय तृतीया पर्व पर लोगों ने शुभ के तौर पर ही गहनों की खरीदारी की।
सोना खरीदना शुभ
आर्टीफिशियल ज्वेलरी भी अक्षय तृतीया के पर्व पर सोने के कारोबार को प्रभावित नहीं कर पाता है। इस दिन मान्यतानुसार नए सोना खरीदना ही शुभ माना जाता है। इस लिहाज से लोग सोने के छोटे आभूषण ही सही, लेकिन नगदी देकर ही खरीदते हैं।
सराफा कारोबार पर महंगाई का असर
सुल्तानपुर। सराफा एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष देवी सोनी ने बताया कि महंगाई का असर सीधे तौर पर कारोबार पर पड़ रहा है। जिले में अक्षय तृतीया पर्व का कोई खास असर नहीं रहा है। बताया कि केवल शुभ के तौर पर ही अक्षय तृतीया को लोगों ने सोने के आभूषण खरीदे। सोमवार को 30,000 रुपये प्रति 10 ग्राम में सोने की बिक्री हुई है। हालांकि पिछले साल अक्षय तृतीय पर्व पर सोने के भाव प्रति 10 ग्राम करीब 25,000 रुपये था।