राज्यपाल राम नाईक ने मंगलवार को बालिकाओं की शिक्षा पर जोर दिया। कहा कि बालिकाएं पढ़कर ऊंचाइयां हासिल करें। अगड़े-पिछड़े से नहीं बल्कि मेहनत से आगे बढ़ा जा सकता है। मंगलवार को वे दोस्तपुर में हमीद मेमोरियल गर्ल्स इंटर कॉलेज के वार्षिकोत्सव समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने शिक्षा पर जोर दिया। कहा कि बेटियां पढ़ाई में मेहनत करके आगे बढ़ें। उनकी शिक्षा से दो परिवार शिक्षित होता है। वे सिर्फ किताबी कीड़ा न बनकर खेल एवं अन्य क्षेत्रों में भी अपने को आजमाएं। शिक्षा के साथ अच्छा इंसान भी बनें। मुस्लिम व ईसाई धर्म के संस्थापकों की चर्चा करते हुए कहा कि सभी धर्म एक ही शिक्षा देते हैं। बालिकाओं को चार मंत्र बताते हुए कहा कि व्यक्ति को हमेशा उदार होना चाहिए। किसी को अगड़े-पिछड़े की भावना नहीं रखनी चाहिए। मेहनत से ऊंचाइयों को छुआ जा सकता है। उन्होंने इस संबंध में अपना उदाहरण दिया। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय वाइस चांसलर अहमद अली ने मुस्लिमों की शिक्षा पर जोर दिया। कहा कि मुस्लिमों के 92 कॉलेेजों के सर्वेक्षण में साइंस के 20, रिसर्च के 21 व प्रोफेशनल कोर्स के 33 फीसदी विद्यालय ही पाए गए। ज्यादातर विद्यालयों में पूर्ण कोर्स के बजाय आर्ट के विषय ही पढ़ाए जाते हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करती हुई कांग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा ने कहा कि बेटियां पढ़ लिखकर गौरव हासिल करें। अरुणिमा सिन्हा, कल्पना व सुनीता का उदाहरण देते हुए कहा कि घर की जिम्मेदारी के साथ बेटियां राष्ट्र के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी समझें। प्रतापगढ़ सांसद हरिवंश सिंह ने पूर्वांचल जिलों के विकास पर ध्यान देने की मांग की। इसके पूर्व कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के संस्थापक व पूर्व मंत्री मुईद अहमद ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए विद्यालय के संबंध में पूरी जानकारी दी। बताया कि विद्यालय में करीब तीन हजार बालिकाएं शिक्षा ले रही हैं। इससे पहले हैलीपैड पर डीएम एस राजलिंगम व एसपी विनय यादव ने राज्यपाल का स्वागत किया। सुरक्षा को लेकर कस्बे में कड़ा बंदोबस्त रहा।