जयसिंहपुर। लंबे समय से विवादों में चल रहे गौरा इंटर कॉलेज की प्रबंध समिति को माध्यमिक शिक्षा विभाग ने भंग कर दिया है। विशेष सचिव उमेश चंद्र के आदेश पर सह जिला विद्यालय निरीक्षक (एडीआईओएस) को छह माह के लिए विद्यालय का प्राधिकृत नियंत्रक नियुक्त किया गया है। इस दौरान कॉलेज का संचालन उनके अधीन होगा और लंबित जांच व विभागीय कार्रवाई पूरी कराई जाएगी।
यह कार्रवाई पूर्व विधायक अर्जुन सिंह की शिकायत पर हुई जांच के बाद हुई है। जांच में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजे के उपयोग में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए थे। तत्कालीन प्रबंधक व अध्यक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और धनराशि की वसूली के आदेश दिए गए थे। दोनों पक्ष इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ से स्थगन आदेश ले चुके हैं, जिससे एफआईआर और वसूली पर फिलहाल रोक है।
विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रबंध समिति भंग कर दी है। छह माह में जांच पूरी कर नियमानुसार नई प्रबंध समिति के चुनाव कराए जाएंगे। एडीआईओएस जटाशंकर ने बताया कि शासन की ओर से नियंत्रक बनाया गया है, विद्यालय का संचालन और रखरखाव नियमानुसार किया जाएगा।