शहर का पर्यावरण पार्क अब लोगों को लिए मनोरंजन और सैर का ठिकाना नहीं रहा। देर-सवेर इसे शहर के सर्वाधिक प्रदूषित स्थानों में शुमार किया जाने लगे तो बड़ी बात नहीं होगी। हालत यह है कि पर्यावरण पार्क के बगल स्थित खाली स्थान को कूड़ा डंपिंग स्थल बना दिया है। कूड़े-कचरे की दुर्गंध से लोग वहां टहलने से परहेज कर रहे हैं। ठीक बगल स्थित गोमती नदी भी प्रदूषित हो रही है। आसपास के इंडिया मार्का हैंडपंप दूषित जल उगल रहे हैं। बारिश में जल प्रदूषण की समस्या और गंभीर हो जाएगी। इससे मानव जीवन के साथ ही गोमती नदी के जलीय जीवों पर भी खतरा मंडरा रहा है।
नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत 25 वार्ड हैं। शहरी क्षेत्र की आबादी करीब दो लाख है। नगर पालिका की ओर से शहर से निकलने वाले कचरे के निस्तारण के लिए पयागीपुर के पास स्थित अलहदादपुर के निकट कूड़ा डंपिंग ग्राउंड तय किया गया है। बावजूद इसके शहर से निकलने वाला शहर के पर्यावरण पार्क के पास फेंका जा रहा है। इससे पर्यावरण पार्क आने वाले लोगों को कचरे की दुर्गंध से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खुलेआम फेंका गया कई टन कचरा यहीं से गोमती नदी में जा रहा है। इस वजह से गोमती नदी में भी प्रदूषण बढ़ा है।
गोमती नदी में प्रदूषण बढने की वजह से जलीय जंतुओं के जीवन पर खतरा बना हुआ है। पर्यावरण पार्क के आस-पास रहने वालों ने बताया कि नगर पालिका की कूड़ा गाड़ी से पर्यावरण पार्क के पास कचरा फेंक दिया जाता है। इससे संक्रामक रोगों के फैलने की भी आशंका बनी रहती है। पर्यावरण पार्क में लगे इंडिया मार्का हैंडपंप के साथ ही आसपास के इलाकों की जलापूर्ति इस ग्राउंड वाटर लेवल से प्रभावित हो रही है। कभी-कभी कूड़े में आग लगा देने से धुएं से पर्यावरण पार्क में खड़ा होना मुश्किल हो जाता है।