सुल्तानपुर। गोरखपुर के गैंगस्टर विनोद उपाध्याय के शव का पोस्टमार्टम शुक्रवार देर रात तक चला। करीब आधी रात को शव मिलने के बाद उसके परिजन गोरखपुर के लिए रवाना हो गए। इस दौरान एसटीएफ वहां मौजूद थी और पूरी गोपनीयता बरती गई।
गोरखपुर के इनामिया बदमाश विनोद को लखनऊ एसटीएफ ने शुक्रवार की भोर में कोतवाली देहात थाने के हनुमानगंज बाईपास के निकट मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। उसका शव मेडिकल कॉलेज के शव गृह में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया था।
देर शाम जब उसके परिजन गोरखपुर से पहुंचे तो शव को एंबुलेंस से पोस्टमार्टम हाउस ले जाया गया। रात करीब आठ बजे दो चिकित्सकों के पैनल ने पोस्टमार्टम शुरू किया। इस दौरान पोस्टमार्टम हाउस के पास एसटीएफ के अधिकारी भी मौजूद रहे।
रात करीब साढ़े दस बजे पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद शव विनोद के भाई जयप्रकाश उपाध्याय, विजय उपाध्याय और भतीजों रमन व अनुराग के हवाले किया गया। इस दौरान वहां किसी भी व्यक्ति को फटकने नहीं दिया गया।
कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक श्रीराम पांडेय ने बताया कि पोस्टमार्टम प्रक्रिया की पूरी वीडियोग्राफी करवाई गई है। इसके बाद रात में ही परिजन शव लेकर गोरखपुर के लिए रवाना हो गए थे।
संतकबीरनगर से मिली थी लोकेशन
इनामिया बदमाश विनोद उपाध्याय की तलाश में बुधवार से ही एसटीएफ बस्ती, संतकबीरनगर क्षेत्र में सक्रिय थी। वहां से मुखबिर की मदद से विनोद की लोकेशन का पता चला था। बृहस्पतिवार को आरोपी के आने की पुष्टि होने पर तत्काल एसटीएफ सुल्तानपुर के लिए वहां से रवाना हो गई थी। कोतवाली देहात थाने के हनुमानगंज बाईपास पर एसटीएफ को तीन टीमों में बांटा गया। बताया जा रहा है तीनों टीम में 16 पुलिस कर्मी शामिल थे।