गैंगस्टर सिराज के घर पर मुनादी करती पुलिस।
भदैया (सुल्तानपुर)। अधिवक्ता आजाद अहमद की हत्या के मुख्य आरोपी व एक लाख के इनामी गैंगस्टर सिराज अहमद पर शिकंजा कसना शुरू गया है। जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश पर सोमवार को उसकी लगभग 4.66 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली गई है। पुलिस ने बाकायदा मुनादी कराकर जब्तीकरण की कार्रवाई की।
कोतवाली देहात के अलहदादपुर निवासी अधिवक्ता आजाद अहमद छह अगस्त, 2023 को अपने भाई मुनव्वर के साथ बाइक से घर लौट रहे थे। अयोध्या-प्रयागराज हाईवे बाइपास पर भुलकी गांव के निकट असलहों से लैस बदमाशों ने उनपर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। हमले में आजाद की मौत हो गई थी और मुनव्वर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुलिस की विवेचना में आठ लोग हत्या व साजिश में शामिल मिले थे, इनमें से सात को जेल भेजा गया है। मुख्य आरोपी सिराज अहमद को अब तक न तो पुलिस पकड़ सकी है और न ही एसटीएफ।
उसपर पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। सिराज पर 21 केस दर्ज हैं। इनमें हत्या के दो, हत्या के प्रयास के चार और गैंगस्टर एक्ट के तीन केस शामिल हैं। जिला मजिस्ट्रेट की कोर्ट के आदेश पर उसकी चल-अचल संपत्ति जब्त की गई है। सोमवार को सिराज के घर लोलेपुर पहुंचे कोतवाली देहात के प्रभारी सत्येंद्र कुमार सिंह ने पहले मुनादी कराई और फिर उसकी तीन एसयूवी, एक ट्रैक्टर-ट्राॅली व एक बाइक जब्त कर ली है। इसके अलावा सिराज, उसकी पत्नी साबरीन, पिता मंसूर और मां कैसरजहां के नाम दर्ज जमीनें भी जब्त कर ली गई हैं।
गुंडई के बल पर करते थे खरीद फरोख्त
कोतवाली देहात के प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अधिवक्ता आजाद की हत्या का मुख्य आरोपी सिराज और उसका गैंग गुंडई के बल पर जमीन की खरीद-फरोख्त करता था। हत्याकांड में शामिल लोगों सहित दस बदमाशों पर गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज किया गया है। अब उप्र गिरोह बंद अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। सबसे पहले सिराज की संपत्ति जब्त की गई है।