सुल्तानपुर। गणेश चतुर्थी से चल रहा गणेश महोत्सव रविवार सुबह करीब 8:45 बजे अंतिम प्रतिमा के विसर्जन के साथ संपन्न हो गया। शनिवार देर शाम चौक के विराट नगर में स्थापित गणेश प्रतिमा की पूजा-अर्चना के बाद विसर्जन शोभायात्रा निकली। शहर के विभिन्न मोहल्लों में स्थापित 48 से अधिक प्रतिमाएं सीताकुंड घाट के लिए रवाना हुईं।
विवेकनगर, दुर्गा नगर, दरियापुर, ठठेरी बाजार, बाटा गली, रुहट्टा गली, बढ़ैयावीर, डाकखाना चौराहा, राहुल चौराहा, पयागीपुर चौराहा और गुरु नानक देव मार्ग से शोभायात्रा निकली। ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर श्रद्धालु नाचते-गाते आगे बढ़े। रिमझिम बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। रंग-बिरंगे परिधानों में सजी महिलाएं और किशोरियां नृत्य करती रहीं। सीताकुंड घाट पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने नम आंखों से गणपति बप्पा को विदाई दी।
डीजे के शोर पर सामाजिक संगठनों की ओर से चलाए गए अभियान की भी चर्चा रही। डीजे प्रतियोगिता पर अंकुश लगाने में पुलिस और प्रशासन का प्रयास नजर आया। विसर्जन रथ से देर रात तक प्रसाद वितरण किया गया। व्यवस्था में सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह, नगर कोतवाल सुरेश नारायण मिश्र और गणेश पूजा व्यवस्था समिति के प्रवीन कुमार अग्रवाल समेत अन्य पदाधिकारी जुटे रहे।
विसर्जन घाट पर मुस्तैद रहा प्रशासन
खराब मौसम के अलर्ट के बीच रविवार को गणेश प्रतिमा विसर्जन पर जिला व पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा। जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने घाट पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल, एएसपी बृज नारायण सिंह, सीओ नगर राघवेंद्र सिंह और एसडीएम सदर गरिमा सोनकिया ने भी व्यवस्थाएं देखीं। एसडीएम ने नाव पर चार से अधिक लोगों के सवार नहीं होने और लाइफ जैकेट पहनकर ही विसर्जन करने के निर्देश दिए।
शहर में निकली गणपति बप्पा की विसर्जन शोभायात्रा। संवाद