मेडिकल कॉलेेज में दवा के लिए कतार में लगे मरीज।
सुल्तानपुर। बारिश का मौसम लोगों को बीमार कर रहा है। खासकर त्वचा संबंधी बीमारियां इस मौसम में बढ़ गई हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, नमी से बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। बारिश में भीगने के बाद कपड़े न बदलने पर लोग फंगल इन्फेक्शन की चपेट में आ रहे हैं। तौलिया, साबुन, कपड़े एकदूसरे के इस्तेमाल से अन्य लोग भी इसकी चपेट में आ जाते हैं। सोमवार को मेडिकल कॉलेज में 1,567 मरीजों का पंजीकरण हुआ। जिसमें से 160 मरीज त्वचा की समस्या से ग्रसित रहे। डॉक्टर ऐसे मरीजों को दवा के साथ बचाव के उपाय बता रहे थे।
मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. एसी गुप्ता ने बताया कि फंगल इंफेक्शन के 30 से 40 मरीज ओपीडी में आए। इसके अलावा बरसाती कीड़ा के काटने से त्वचा पर लाल दाने की समस्या लेकर भी 120 से अधिक मरीज पहुंचे। इन मरीजों को सही होने में 10 से 15 दिन का समय लगेगा। इसके साथ ही फंगल इंफेक्शन के मरीजों को सही होने में तीन से चार महीने तक का समय लग सकता है।
उन्होंने बताया कि त्वचा पर लाल रंग के चकत्ते होना, त्वचा पर पपड़ी जमना या खाल उतरना, त्वचा का लाल हो जाना, लाल रंग के छोटे-छोटे दाने होना आदि इसके प्रमुख लक्षण हैं। ऐसे में मरीजाें को सही होने में समय लग रहा है। आयुष चिकित्सक डॉ. एसके श्रीवास्तव ने बताया कि इस समय सुबह खाली पेट नीम की चार से पांच पत्तियां चबाएं। हल्दी व नारियल तेल का पेस्ट लगाएं। आंवला व एलोवेरा के जूस का सेवन करें। गंधक रसायन व आरोग्य वर्धनी वटी का इस्तेमाल करें। सीएमएस डाॅ. आरके मिश्रा ने बताया कि सभी मरीजों को बेहतर उपचार देने के निर्देश दिए गए हैं।
ये बरतें सावधानियां
बारिश में भीगने के बाद तुरंत कपड़े बदल लें, भीगे कपड़े पहनना फंगल इंफेक्शन का कारण बन सकता है। यदि पसीना ज्यादा आ रहा हो और कपड़े भीगे हों तो जल्द ही बदल लें, बारिश में अगर जूते भीग जाएं तो उन्हें भी नहीं पहनना चाहिए। कोशिश करें घर के हर सदस्य का तौलिया अलग हो।