सुल्तानपुर। सात फेरों के बाद सौदेबाजी का खेल करने वालों को पुलिस ने धर दबोचा। शादी के बाद दूल्हे पक्ष से रुपये और जेवर वसूलने वाले देवरिया के लुटेरी दुल्हन गैंग का धनपतगंज पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से नकदी और जेवरात भी बरामद किए हैं।
बल्दीराय के सीओ आशुतोष कुमार ने बताया कि राजस्थान के करौली जिले के थाना बालघाट के मोहनपुरा गावणी निवासी जगदीश ने 11 फरवरी को धनपतगंज थाने में तहरीर दी। बताया कि उन्होंने अपने बेटे रोहिताश की शादी भांजे मनोज के माध्यम से तय की थी। मनोज ने मथुरा निवासी राजपाल से संपर्क कराया। जिसने देवरिया के लंगड़ा बाजार थाना भलुअनी निवासी मुस्कान उर्फ सुमन (23) नाम की युवती से रिश्ता सुझाया।
10 फरवरी को देवरिया के दुर्गा मंदिर, लाईपार में शादी कराई गई। इसके बाद आरोपियों देवरिया के विशुनपुर निवासी सुनील कुमार, बेतालपुर निवासी शशि भारती, लंगड़ा बाजार की रानी निशा ने अतिरिक्त पैसे की मांग शुरू की। रुपये न देने पर झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। दबाव में परिजनों ने 1.10 लाख रुपये और बरात वापसी के दौरान 7,000 रुपये और दे दिए। वहां से बरात निकली तो पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बेनीपुर के पास एक कैंटीन पर गाड़ी रुकवाकर 64 हजार रुपये की और मांग की। रुपये नहीं देने पर महिला तस्करी व दुष्कर्म का आरोप लगाना शुरू कर दिया। तब जगदीश को अहसास हुआ कि वह गिरोह के जाल में फंस गया है। उसने थाना धनपतगंज पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने धनपतगंज के बेनीपुर अंडरपास के पास से बृहस्पतिवार को सुनील कुमार, सुमन, रानी निशा और शशि भारती को गिरफ्तार किया। इनके पास से पुलिस ने 19,500 रुपये नकद, दो पायल, चार बिछिया, लाल मोती का मंगलसूत्र और एक लॉकेट बरामद किया है। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
ऐसे रचते थे साजिश
सीओ ने बताया कि यह एक गिरोह है, जो फर्जी पहचान के जरिये विवाह कर धन उगाही करता था। गिरोह पहले शादी का रिश्ता तय कर भरोसा जीतता था। विवाह के बाद रास्ते में सुनसान स्थान पर गाड़ी रुकवाकर अतिरिक्त रकम की मांग करता। विरोध होने पर झूठे मुकदमे और बदनामी का डर दिखाकर नकदी व जेवरात वसूलता था। पुलिस अब इस गैंग के नेटवर्क और अन्य संभावित मामलों की भी जांच कर रही है।