सुल्तानपुर। दो लाख रुपये की रंगदारी न देने पर करीब सात साल पहले हुई विजय सिंह की हत्या के मामले में चार दिन पूर्व दोषी ठहराए गए चार अभियुक्तों की सजा पर एडीजे चतुर्थ की अदालत ने सोमवार को फैसला सुनाया। सेशन जज श्याम मोहन जायसवाल की अदालत ने मामले में आरोपी चंद्रशेखर केसरवानी, शुभम तिवारी, संदीप जायसवाल व सूरज को हत्या सहित अन्य धाराओं में कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही कुल 3.68 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अमेठी जिले के गौरीगंज कोतवाली के विशुनदासपुर निवासी वादी अर्पित सिंह ने 12 नवंबर 2019 की घटना बताते हुए स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप के मुताबिक उनके भाई विजय सिंह घटना के दिन दावत में शामिल होने गए थे। वहां चचेरे भाई अमरेंद्र सिंह उनका इंतजार कर रहे थे।
आरोप के मुताबिक उन लोगों के बाइक से जाते समय मुसाफिरखाना रोड गौरीगंज के निकट स्थित एक बैंक के पास स्थानीय कोतवाली के असैदापुर निवासी चंद्रशेखर केसरवानी, शुभम तिवारी व अन्य ने साजिश रचकर विजय सिंह को गोली मारकर हत्या कर दी थी।
मामले में पुलिस ने एक बाल अपचारी समेत पांच के खिलाफ आरोप पत्र पेश किया था। किशोर के अलावा अन्य चारों के खिलाफ मामले की सुनवाई एडीजे चतुर्थ की कोर्ट में पूरी हुई। बृहस्पतिवार को कोर्ट ने चारों अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया था।
अदालत ने सभी दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी चंद्रशेखर पर 99,500 रुपये, शुभम तिवारी पर 89,500 रुपये, संदीप पर 94,500 रुपये व सूरज पर 84,500 रुपये का जुर्माना लगाते हुए जेल भेजने का आदेश दिया। अदालत ने जुर्माने की धनराशि का 80 प्रतिशत मृतक के परिजन को देने का आदेश जारी किया है।