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मुद्रा योजना में फिसड्डी साबित हुए चार बैंक

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सुल्तानपुर। मुद्रा योजना के अंतर्गत बेरोजगारों को ऋण देने में जिले के चार बैंक फिसड्डी साबित हुए हैं। वित्तीय वर्ष 2019-20 के पूरे साल में एक्सिस बैंक से एक भी बेरोजगार को मुद्रा योजना का ऋण नहीं दिया जा सका है।
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अन्य प्रमुख बैंकों की अपेक्षा इलाहाबाद बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक व इंडियन बैंक की ओर से मुद्रा योजना का ऋण स्वीकृत करने में सबसे पीछे रहीं। इसकी वजह से स्वरोजगार के लिए कई बेरोजगारों को वित्तीय सहायता नहीं मिल सकी।
केंद्र सरकार की ओर से बेरोजगारों को स्वरोजगार के अवसर मुहैया कराने के लिए मुद्रा योजना लागू की गई है। इसके लिए सरकार की ओर से बैंकों को स्पष्ट रूप से मुद्रा योजना के अंतर्गत बेरोजगारों को वित्तीय सहायता प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार के अवसर मुहैया कराने का निर्देश जारी किया गया था।
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मुद्रा योजना के अंतर्गत पिछले कुछ महीनों में जिले में करीब 7,655 से अधिक लोगों को विभिन्न बैंकों के माध्यम से मुद्रा लोन दिया गया है, जबकि कुछ बैंकों के अधिकारियों ने बेराजगारों को मुद्रा लोन में दिलचस्पी नहीं दिखाई है।
मुद्रा लोन देने में फिसड्डी साबित हुई बैंकों में एक्सिस बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, इंडियन बैंक व इलाहाबाद बैंक का नाम शामिल है। इसमें एक्सिस बैंक ने एक भी मुद्रा लोन नहीं किया है, जबकि इंडियन ओवरसीज बैंक, इंडियन बैंक व इलाहाबाद बैंक की प्रगति काफी सुस्त रही। इससे स्वरोजगार के लिए कई बेरोजगारों को वित्तीय सहायता नहीं मिल सकी।
विकास भवन में 16 जनवरी को जिले की सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका संजय गांधी की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक का आयोजन किया गया था। इसमें मुद्रा लोन की स्थिति खराब पाए जाने पर सांसद मेनका संजय गांधी ने एलडीएम आरपी अरोड़ा को संबंधित बैंकों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने का निर्देश दिया था।
मुद्रा (माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी लिमिटेड) ऐसे सूक्ष्म और लघु उद्यमों को गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि क्षेत्र, आय उत्पन्न करने वाली गतिविधियों को वित्त पोषित करने के लिए स्थापित की गई है, जिनकी ऋण आवश्यकताएं 10 लाख रूपये से कम हैं।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के तत्वावधान में मुद्रा के अंतर्गत तीन श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। इसके अंतर्गत शिशु, किशोर और तरुण की श्रेणी है। शिशु के अंतर्गत व्यवसाय करने के लिए 50 हजार तक, किशोर में 50 हजार से पांच लाख तक व तरुण में पांच लाख से 10 लाख तक के ऋण दिए जाने का प्रावधान है।
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निर्देश दिया गया है कि इस योजना से जुड़ी संबंधित बैंक की शाखाएं ग्राहक की आवश्यकताओं के अनुसार मुद्रा योजना के अंतर्गत ऋण की सुविधा प्रदान करेंगी।
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