सुल्तानपुर। चुनावी रंजिश में छह वर्ष पूर्व हुई हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश लक्ष्मीकांत शुक्ल ने चार आरोपियों को दोषी ठहराया है। एक को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। सजा बृहस्पतिवार को सुनाई जाएगी।
अमेठी जिले के जामो थाने के अमरबोझा बरौलिया निवासी नरेंद्र बहादुर सिंह ने 25 मई 2019 की रात 11:30 बजे हुई घटना के संबंध में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप के मुताबिक, वादी के छोटे भाई सुरेंद्र प्रताप सिंह बरामदे में सोए थे। बगल में भतीजा अनुराग व अभय सोए हुए थे। तभी गोली मारकर आरोपियों ने सुरेंद्र प्रताप की हत्या कर दी। बरौलिया निवासी वसीम व उसके भाई नसीम, सह आरोपी धर्मनाथ गुप्ता, तत्कालीन बीडीसी राम चंद्र व पीढ़ी फुरसतगंज निवासी गोलू के खिलाफ केस दर्ज हुआ।
मामले का विचारण जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में चला। कोर्ट ने मंगलवार को आरोपी वसीम, नसीम, रामचंद्र व गोलू को दोषी ठहराकर जेल भेज दिया।
पूर्व एमएलसी दीपक के केस में सुनवाई टली
सुल्तानपुर। पूर्व एमएलसी दीपक सिंह के मामले में मंगलवार को मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा के अवकाश पर होने से सुनवाई 28 जुलाई तक टल गई। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के विरोध में प्रदर्शन और पुतला दहन का आरोप है। 29 जुलाई 2022 को इस मामले में कांग्रेस के 131 नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था, जिनमें से 28 आरोपियों पर चार्जशीट दाखिल की गई है।