सुल्तानपुर। पूर्व सपा विधायक रामचंद्र चौधरी एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ चल रहे 24 साल पुराने मामले में शुक्रवार को एमपी-एमएलए कोर्ट ने सरकार की तरफ से केस वापस लिए जाने की लंबित अर्जी पर फैसला सुनाया। एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट जज राकेश यादव ने शासन के निर्देश पर विशेष लोक अभियोजक की तरफ से मुकदमा वापस लेने के लिए पेश की गई अर्जी मंजूर कर ली है। स्पेशल कोर्ट ने मामले में पूर्व विधायक सहित सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है।
कादीपुर कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक शिवराज सिंह ने 17 दिसंबर 2002 को पुलिस टीम पर हमला करने व तोड़-फोड़ का आरोप लगाते हुए कादीपुर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने पूर्व विधायक सपा रामचंद्र चौधरी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा, सह आरोपी वेद प्रकाश सिंह, बृजेश सिंह, सर्वेश सिंह, जितेंद्र सिंह, रामार्य पाठक, शिवभूषण सिंह, पंकज सिंह, रिंकू सिंह, लाल बहादुर सिंह व हर्ष मिश्रा के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य गंभीर धाराओं में चार्जशीट दाखिल की थी। यह मामला एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में चल रहा था।