सुल्तानपुर। डीएम के आदेश के बाद भी पांच वर्ष तक असलहा न जमा करने के मामले में बुधवार को एमपी-एमएलए की विशेष कोर्ट में इसौली के पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू पर आर्म्स एक्ट के तहत आरोप (चार्ज) तय किया गया। स्पेशल जज एमपी-एमएलए पीके जयंत ने एफआईआर दर्ज कराने वाले कूरेभार थाने के पूर्व एसओ को गवाही के लिए तलब किया है। मामले में अगली सुनवाई 15 फरवरी को होगी। मामला कूरेभार थाने से जुड़ा है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक 15 अगस्त 2012 को कूरेभार थाने के तत्कालीन एसओ रामबोध सिंह ने इसौली के पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस के मुताबिक जिलाधिकारी ने दो अगस्त 2007 को इसौली के पूर्व विधायक चंद्रभद्र की रिवॉल्वर, बंदूक व रायफल का शस्त्र लाइसेंस निरस्त करके उसे जमा कराने का आदेश दिया था। आरोप है कि डीएम के शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण आदेश के पांच वर्ष बाद भी पूर्व विधायक ने अपना शस्त्र जमा नहीं किया था।
मामले की विवेचना पूरी कर पुलिस ने पूर्व विधायक के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। बुधवार को पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह पेशी पर एमपी-एमएलए कोर्ट में हाजिर हुए। स्पेशल जज एमपी-एमएलए एक्ट पीके जयंत ने पूर्व विधायक के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत आरोप (चार्ज) तय किया।
पूर्व विधायक के अधिवक्ता रुद्रपताप सिंह मदन ने फर्जी केस दर्ज होने की बात कहते हुए ट्रायल की मांग की। कोर्ट ने एफआईआर दर्ज कराने वाले कूरेभार थाने के पूर्व एसओ रामबोध सिंह को गवाही के लिए तलब करने का आदेश देते हुए अगली सुनवाई के लिए 15 फरवरी की तिथि नियत कर दी है।