सुल्तानपुर। अशफाक हत्याकांड मामले में सेशन कोर्ट से बरी किए गए जगदीशपुर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख ने शुक्रवार को सीजेएम नवनीत सिंह की कोर्ट में समर्पण कर दिया। सीजेएम ने हाईकोर्ट में हाजिर होने की शर्त पर उन्हें रिहा करने का आदेश दिया है।
जिला जज ने तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जबकि मामले में नामजद रहे जगदीशपुर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजेश विक्रम सिंह समेत पांच आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था।
अमेठी जिले के जगदीशपुर थाने के ग्राम बड़ागांव कोट मौजा हुसैनगंज कला के कारोबारी अशफाक अहमद की 30 जनवरी 2018 को मुकदमेबाजी की रंजिश में जगदीशपुर बाजार में बम और गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनके भाई रजी अहमद घायल हो गए थे। अशफाक के पिता अंसार अहमद ने जगदीशपुर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजेश विक्रम सिंह सहित कई अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या व साजिश करने का मुकदमा दर्ज कराया था। 25 अक्तूबर 2024 को तत्कालीन जिला जज जय प्रकाश पांडेय ने आरोपी वंशराज यादव, अमित चौबे व सतीश उर्फ सतई को उम्रकैद की सजा सुनाई थी जबकि जगदीशपुर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजेश विक्रम सिंह, अनिल कुमार उर्फ विधायक, नान्ह सिंह उर्फ सूरज, विकास खरवार व सुबास यादव को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था।
फैसले के खिलाफ वादी मुकदमा अंसार अहमद ने और सजा के खिलाफ दोषियों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की है। हाईकोर्ट ने बरी हुए आरोपियों को तलब किया है। इस मामले में पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजेश विक्रम सिंह समेत पांच आरोपियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया गया था।