सुल्तानपुर। चार दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को जब मेडिकल कॉलेज की ओपीडी खुली तो मरीजों का हुजूम उमड़ पड़ा। स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमरा गईं और दिनभर मरीज इलाज के लिए जूझते रहे। सुबह से ही लोग लंबी-लंबी कतारों में खड़े दिखे। पर्चा बनवाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। ओपीडी कक्ष के बाहर खड़े होने के लिए भी जगह नहीं थी। मरीजों को पर्चा बनवाने में करीब दो घंटे तो परामर्श के लिए चिकित्सक तक पहुंचने में चार घंटे तक का समय लग गया।
स्थिति यह रही कि एक ही दिन में करीब 4,562 मरीजों का इलाज किया गया। जिसमें से सर्दी, जुकाम, बुखार व सांस के 1820 मरीज शामिल थे।
सुबह ठंड और दिन में गर्मी के बाद शाम ढलते ही फिर मौसम ठंडा होने लगा है। यह बदलाव लोगों को बीमार कर रहा है। सोमवार को मेडिकल कॉलेज के पुरुष अस्पताल में 1,897 नए मरीजों का रजिस्ट्रेशन हुआ, जबकि 1,203 पुराने मरीज भी इलाज के लिए पहुंचे। चिल्ड्रेन ओपीडी में नए व पुराने मरीजों की तादाद 385 रही। महिला अस्पताल में 732 नए व 345 पुराने मरीजों का इलाज किया गया। इसके अलावा पैथोलॉजी में 802 रक्त के नमूने जांच के लिए भेजे गए। इमरजेंसी में 563 मरीजों का इलाज हुआ और नौ मरीजों को गंभीर स्थिति में लखनऊ रेफर किया गया, जबकि 15 बुखार व नौ सांस रोगियों को भर्ती करना पड़ा।
गंभीर रोगियों व बुजुर्गों को हुई परेशानी
सोमवार को इलाज के लिए त्रिशुंडी से आई कुसम सिंह ने बताया कि वह सुबह 9:00 बजे मेडिकल कॉलेज पहुंची। करीब दो घंटे कतार में लगकर रजिस्ट्रेशन काउंटर पर पर्चा बनवाया। इसके बाद ओपीडी में दोपहर 1:00 बजे नंबर आया। इस दौरान काफी परेशानियां उठानी पड़ीं। इस्लामगंज से आई रुख्साना बानो और खुशबू ने बताया कि उन्हें रक्त का नमूना देने में ढाई घंटे लग गए, अधिक भीड़ के चलते जद्दोजहद करनी पड़ी। कोइरीपुर से आए संतोष अग्रहरि ने बताया कि उन्हें अस्थमा की बीमारी है। सुबह से दोपहर तक लाइन में लगने के बाद उनकी हालत खराब हो गई।
चिकित्सक अतिरिक्त समय तक बैठे
छुट्टियों में भी ओपीडी दोपहर तक चालू रखी गई थी, लेकिन सोमवार को अचानक मरीजों की भारी भीड़ आई। तीन अतिरिक्त डॉक्टर ओपीडी में लगाए गए थे। स्थिति यह रही कि ओपीडी में डॉक्टरों ने अतिरिक्त समय रुककर इलाज किया।
-डॉ. एसके गोयल, सीएमएस, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय सुल्तानपुर