धम्मौर के देवलपुर में फॉल्ट ठीक करते कर्मी। स्रोत- विभाग
कुड़वार। एचटी लाइन में फॉल्ट से कुड़वार और सरकौड़ा उपकेंद्र से जुड़े दो लाख लोग दो दिन तक बिजली संकट से जूझते रहे। सोमवार सुबह 10 बजे बंद हुई बिजली आपूर्ति मंगलवार सुबह पांच से 10 बजे तक केवल पांच घंटे के लिए बहाल हुई। इसके बाद दोबारा फॉल्ट आने से आपूर्ति फिर ठप हो गई। गर्मी में बिजली के साथ पानी का भी गंभीर संकट खड़ा हो गया।
पंखे और कूलर बंद होने से लोग गर्मी तथा उमस में बेहाल रहे। सबमर्सिबल पंप नहीं चलने से घरों की टंकियां खाली हो गईं। गांवों में रोजमर्रा की व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। घरों में लगे इन्वर्टर कुछ घंटे बाद जवाब दे गए। मोबाइल फोन चार्ज करने के लिए लोगों को जनरेटर और दुकानों का सहारा लेना पड़ा। कई परिवारों को पानी भरने के लिए दूर तक जाना पड़ा।
बच्चों और बुजुर्गों को गर्मी में सबसे ज्यादा परेशानी हुई। ग्रामीणों ने विभाग पर स्थायी व्यवस्था न करने का आरोप लगाया। उपखंड अधिकारी अभिषेक कुमार ने बताया कि एचटी लाइन में आए फॉल्ट की मरम्मत पूरी कर मंगलवार शाम छह बजे आपूर्ति बहाल करा दी गई।
ट्रांसफार्मर में खराबी से हुई दिक्कत : 220 केवी पयागीपुर पारेषण विद्युत उपकेंद्र का 63 एमवीए मुख्य पावर ट्रांसफार्मर रविवार को खराब हो गया था। इससे बिजली व्यवस्था चरमरा गई। कूरेभार, धनपतगंज, फरीदीपुर, असरोगा, कुड़वार, सरकौड़ा, पकड़ी और धम्मौर उपकेंद्रों को रोस्टिंग से चलाया जा रहा था। इस कारण फीडरों पर लोड बढ़ गया और ओवरलोड के कारण भी कटौती करनी पड़ी।