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वो रहनुमा मुझे मेरे परवर दिगार दे...

Tue, 24 Jan 2017 10:24 PM IST
Amar ujala Bureau
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प्रबुद्ध वर्ग ने रखी राय - फोटो : अमर उजाला
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सोया हुआ जमीर जो बेदार कर सके, वो रहनुमा मुझे मेरे परवर दिगार दे...। जिले के बुद्धिजीवियों ने अपने भावी जनप्रतिनिधि के लिए कुछ ऐसी ही कामना की। मौका था अमर उजाला की ओर से मंगलवार को शहर के गार्डन व्यू गेस्ट हाउस में आयोजित संवाद कार्यक्रम का।
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बुद्धिजीवियों ने समय के साथ सियासत में हो रहे मूल्यों के क्षरण पर जहां चिंता जताई, वहीं शत-प्रतिशत मतदान का आह्वान कर उम्मीद की लौ भी जलाई। चुनाव में सोच-समझकर प्रत्याशी के चयन पर जोर दिया। शहर से लेकर गांव तक के तमाम मुद्दों व समस्याओं पर चर्चा हुई।  

बुद्धिजीवियों ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, रोजगार के साथ ही सुरक्षा पर ध्यान देने की जरूरत है। आधुनिक सुविधाओं से लैस ट्रॉमा सेंटर बनकर तैयार होने के बाद भी संचालित नहीं होने पर चिंता जताई। इंडस्ट्री के नाम पर जिले की पहचान बनी इकलौती किसान सहकारी चीनी मिल की दुर्दशा का दर्द भी चर्चा के दौरान उभरा। लोगों ने चीनी मिल के आधुनिकीकरण की आवश्यकता बताई।
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बेसिक शिक्षा की बदहाल व्यवस्था में सुधार पर जोर दिया गया। व्यावसायिक शिक्षा के लिए उच्च शैक्षिक संस्थान की स्थापना कराने, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए नकल अध्यादेश लागू करने, सड़कों का निर्माण गुणवत्तायुक्त कराने, रोजगार के लिए कल-कारखानों की स्थापना की मांग भी उठाई। लोगों की सुरक्षा के लिए व्यवस्था में सुधार लाने पर जोर दिया गया। गिरते भूगर्भ जल स्तर पर तुरंत रोक लगाने, नदी के प्रदूषण की रोकथाम करने, फसलों के मूल्य का सही ढंग से निर्धारण कराने की आवश्यकता बताई गई।

बुद्घिजीवियों ने जन प्रतिनिधि चयन में उसकी शिक्षा, सर्वसुलभता, ईमानदारी, कानून के ज्ञान के साथ ही उसकी जनता के बीच मौजूदगी पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई। जाम व अतिक्रमण से जूझ रहे लोगों का दर्द भी बुद्घिजीवियों ने प्रमुखता से उठाया।
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