धम्मौर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में हुआ जलभराव। संवाद
धम्मौर। धम्मौर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जलभराव से 26 अगस्त से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हैं। अस्पताल के मुख्य गेट से परिसर तक पानी और कीचड़ भरा होने से मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। शनिवार को भी अस्पताल में इलाज नहीं हो सका, जिससे मरीजों को लौटना पड़ा।
प्रतिदिन 70 से 80 मरीजों की ओपीडी वाले इस केंद्र पर अब इलाज ठप है। निशुल्क इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचे मरीज निजी डॉक्टरों की फीस और दवाओं का खर्च उठाने को मजबूर हैं। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। अस्पताल तक पहुंचने के रास्ते में कीचड़ के कारण पैदल चलना भी मुश्किल है। पिछले बुधवार को इलाज के लिए आए दो मरीज कीचड़ में फिसलकर गिर चुके हैं। पीएचसी में डॉक्टर, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स, वार्ड बॉय और स्वीपर समेत छह कर्मचारी तैनात हैं। पीएचसी प्रभारी शारका बीबी हैं। जलभराव से कर्मचारियों को अस्पताल पहुंचने और काम करने में दिक्कत हो रही है। आरोप है कि जल निकासी की स्थायी व्यवस्था न होने से यह स्थिति हर बार बनती है।
जल निकासी का आश्वासन
समस्या की गंभीरता को देखते हुए बीडीओ दूबेपुर भावेश शुक्ल ने शनिवार को जल निकासी की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। हालांकि, देर शाम तक काम शुरू नहीं हो सका। सीएचसी अधीक्षक दूबेपुर एपी त्रिपाठी ने जलभराव की जानकारी होने की बात कही। उन्होंने जल्द स्थायी जल निकासी व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया।
मरीजों के लिए बदला ठिकाना
जलभराव की समस्या दूर होने तक मरीजों का इलाज आयुष्मान आरोग्य केंद्र राजापुर धम्मौर में कराया जाएगा। धम्मौर पीएचसी की स्वास्थ्य सेवाएं अस्थायी रूप से इसी केंद्र पर संचालित होंगी। रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेला भी इसी केंद्र पर आयोजित किया जाएगा। इससे आयुष्मान आरोग्य केंद्र पर मरीजों की संख्या बढ़ने की संभावना है।