मोतिगरपुर। एक नवंबर से शुरू होने वाली सरकारी धान खरीद से पहले फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल में तकनीकी खामी सामने आई है। इस सॉफ्टवेयर ने किसानों के धान बिक्री के रकबे को काफी कम कर दिया है, जिससे पिछले वर्ष 50 से 110 क्विंटल धान बिक्री का पंजीकरण कराने वाले किसानों का विकल्प अब दो से 12 क्विंटल तक सिमट गया है। सॉफ्टवेयर किसानों की पूरी खतौनी का आकलन करने में नाकाम रहा है, जिससे वे परेशान हैं।
मोतिगरपुर के विक्रमाजीत पांडेय ने पिछले साल 60 क्विंटल धान बिक्री का पंजीकरण कराया था। इस बार पोर्टल पर उन्हें केवल दो क्विंटल बेचने की सीमा दिख रही है। करनाईपुर के अशोक वर्मा का 80 क्विंटल का पंजीकरण सात क्विंटल पर आ गया है। रामपुर बिरतिहा की अंजनी सिंह का 90 क्विंटल धान अब 11 क्विंटल रह गया है। कौशल किशोर पांडेय का 75 क्विंटल से घटकर 24 क्विंटल हो गया है। किसान इस विसंगति से भारी आर्थिक नुकसान की आशंका जता रहे हैं और समाधान के लिए जन सेवा केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं।
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समस्या समाधान का आश्वासन
जयसिंहपुर के तहसीलदार मयंक मिश्र ने बताया कि यह मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने जानकारी लेकर फार्मर रजिस्ट्री और पोर्टल से जुड़ी तकनीकी खामी को दूर कराने का आश्वासन दिया। उच्चाधिकारियों से समन्वय बनाकर किसानों की समस्या का समाधान किया जाएगा।