सुल्तानपुर। जिले के चार माध्यमिक शिक्षकों समेत पांच पर गलत मार्किंग करने पर कोर्ट ने एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। पांचों शिक्षकों को 20-20 हजार रुपये जुर्माना भरना होगा। जुर्माने की धनराशि पीड़ित छात्रा को बैंक ड्रॉफ्ट के माध्यम से दी जाएगी।
वर्ष 2018 में उन्नाव जिले के त्रिवेणी काशी इंटर कॉलेज के हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिकाएं जिले में मूल्यांकन के लिए आई थीं। छात्रा रिद्घिमा ने संस्कृत, गणित व सामाजिक विषय में कम नंबर मिलने की शिकायत की थी।
जनसूचना अधिकार अधिनियम के अंतर्गत अवलोकन के बाद गणित व सामाजिक विज्ञान में अंकों का योग गलत पाया गया था। नंबर जब सही किए गए तो रिद्धिमा यूपी की मेरिट लिस्ट में सातवें नंबर पर आ गई।
इस मामले में रिद्घिमा ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दायर की थी। जिस पर कोर्ट ने दोषी परीक्षकों पर जुर्माना लगाने का निर्देश दिया था।
एमजीएस इंटर कॉलेज के शिक्षक श्यामलाल निषाद व दीपक सिंह, जनता इंटर कॉलेज कूम्ही के शिक्षक सुनील कुमार सिंह व रामेश्वर दास इंटर कॉलेज के शिक्षक सुरेंद्र कुमार यादव व श्री शंकर इंटर कॉलेज नानपारा बहराइच के शिक्षक श्यामलाल पर माध्यमिक शिक्षा परिषद सचिव नीना श्रीवास्तव ने 20-20 हजार रुपये अर्थदंड जमा करने का निर्देश दिया। कॉपियों का मूल्यांकन किया था। जुर्माने की धनराशि बैंक ड्रॉफ्ट के माध्यम से जमा कराई जाएगी।
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने संस्कृत व सामाजिक विज्ञान से संबंधित परीक्षकों एवं उप प्रधान परीक्षकों को परिषद के किसी भी पारिश्रमिक कार्य के लिए आमंत्रित न करने का निर्देश दिया है। अब पांचों शिक्षक बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए तीन साल तक नहीं बुलाए जाएंगे।
जिला विद्यालय निरीक्षक नरेंद्रदेव ने बताया कि उच्च न्यायालय एवं यूपी बोर्ड सचिव के आदेश पर जिले के चार शिक्षकों पर 20-20 हजार रुपये जुर्माना जमा करने का निर्देश जारी किया गया है।
साथ ही पांचवें शिक्षक के लिए यूपी बोर्ड तथा बहराइच से निर्देश जारी किया गया है। विद्यालयों के प्रबंधकों को निर्देशित किया गया है कि शिक्षकों से रिकवरी कराकर जुर्माने की रकम ड्रॉफ्ट के माध्यम से जमा कराएं।