सुल्तानपुर। वर्ष 2011 के गल्ला व्यवसायी अखिलेश वर्मा हत्याकांड में बुधवार को अदालत ने दो सगे भाइयों सहित पांच आरोपियों को दोषी करार दिया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय श्याम मोहन जायसवाल ने दोषी ठहराए गए सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश दिया। अदालत पांच अक्तूबर को दोषियों की सजा पर फैसला सुनाएगी।
अभियोजन के मुताबिक मामला मकान के विवाद से जुड़ा था। 24 जुलाई 2011 को अखिलेश वर्मा की फरसा और लाठी से हमला कर हत्या कर दी गई थी। अखिलेश मूल रूप से अंबेडकरनगर के रसूलपुर गांव के रहने वाले थे। उन्होंने जिले के अखंडनगर थाना क्षेत्र के डोमापुर में मकान बनवाकर परिवार के साथ रहना शुरू किया था। मृतक के साले अनिल वर्मा की तहरीर पर राजमणि वर्मा समेत सात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने दीपक वर्मा, प्रदीप वर्मा, ओम प्रकाश, उसके बेटे उमेश और शाहपुर निवासी छोटेलाल निषाद को हत्या के मामले में दोषी माना।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान एक आरोपी राजमणि वर्मा की मौत हो गई। वहीं, एक अन्य आरोपी के किशोर होने की वजह से उसका मामला किशोर न्याय बोर्ड को भेज दिया गया।