फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

6.29 करोड़ के फर्नीचर खरीद के लिए ढूंढ़े नहीं मिल रहीं फर्में

विज्ञापन
विज्ञापन
सुल्तानपुर। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से संचालित परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में फर्नीचर खरीद के लिए शासन ने छह करोड़ 29 लाख रुपये स्वीकृत किया है।
विज्ञापन

फर्नीचर क्रय के लिए दो बार टेंडर आमंत्रित किए गए लेकिन दोनों ही बार टेंडर के लिए तीन उपयुक्त फर्में नहीं मिल पाई हैं।
महानिदेशक बेसिक शिक्षा ने कड़ा रुख अपनाते हुए 30 जून तक टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कराने का निर्देश दिया है। निर्धारित तिथि तक टेंडर नहीं कराने पर संबंधित के विरुद्घ कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
पांच मार्च 2021 को शासन ने परिषदीय विद्यालयों में जेम पोर्टल के माध्यम से फर्में चयनित कर फर्नीचर खरीद करने का निर्देश दिया था। इसके लिए विस्तृत नियमावली भी भेजी गई थी लेकिन लगभग चार महीने बीतने को हैं।
विज्ञापन

जिले में फर्नीचर क्रय के लिए उपयुक्त फर्म तक चयनित नहीं हो पाई है। जिले में छह करोड़ 29 लाख रुपये फर्नीचर क्रय के लिए स्वीकृत किए गए थे। मार्च में पहली बार फर्नीचर खरीद का टेंडर आमंत्रित किया गया, जिसके लिए 30 मार्च अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी।
इसी दौरान त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की आचार संहिता लागू हो गई। इसे देखते हुए जिलाधिकारी ने पांच मई तक टेंडर आमंत्रित करने की तिथि बढ़ा दी। तिथि बढ़ाने के बाद भी पर्याप्त संख्या में फर्मों के नहीं आने पर जिलाधिकारी ने पुन: 11 मई तक तिथि को विस्तारित कर दिया।
इसके बावजूद पहली बार 21 मई को जब टेंडर खोला गया तो टेंडर डालने वाली 39 फर्मों में से सिर्फ दो ही क्वालीफाई कर सकीं। टेंडर रद्द होने के बाद दोबारा फिर पांच जून को टेंडर आमंत्रित किया गया।
इस बार सिर्फ पांच फर्मों ने टेंडर डाला। 16 जून को जब टेंडर खोला तो मात्र एक फर्म ही क्वालीफाई कर सकी। अब बेसिक शिक्षा विभाग तीसरी बार टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
बड़े टेंडर से नहीं मिल रहीं उपयुक्त फर्में
फर्नीचर आपूर्ति के लिए पहली बार इतनी बड़ी धनराशि का टेंडर एक साथ कराया जा रहा है। इसके लिए आईएसओ सर्टिफाइड फर्में आमंत्रित की गईं, जो किसी भी विभाग से ब्लैकलिस्टेड न हों।
16 बिंदुओं पर फर्मों से जानकारी मांगी गई है, जिसमें हाई टर्नओवर, जीएसटी रजिस्ट्रेशन, अर्नेस्ट मनी से संबंधित बिंदु शामिल हैं। टेंडर की धनराशि अधिक होने और हाई टर्नओवर के अनिवार्यता की वजह से उपयुक्त फर्में नहीं मिल पा रही हैं।
पूरे प्रदेश के 75 जनपदों में से सिर्फ 18 जिले ही ऐसे हैं, जहां फर्नीचर खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। बाकी के 57 जिलों में फर्नीचर का टेंडर अभी तक पूर्ण नहीं हो पाया है।
डीएम की अध्यक्षता में बनी है परीक्षण समिति
परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में फर्नीचर खरीद के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक परीक्षण समिति गठित की गई है।
इसमें जिलाधिकारी अध्यक्ष, मुख्य विकास अधिकारी उपाध्यक्ष, बीएसए सदस्य/सचिव तथा महाप्रबंधक उद्योग विभाग, डायट प्राचार्य एवं वित्त एवं लेखाधिकारी को सदस्य के तौर पर रखा गया है। फर्नीचर क्रय के लिए आए सैंपल के परीक्षण के लिए समिति को अपनी रिपोर्ट देनी होगी।
फर्नीचर खरीद के लिए दो बार टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई है। दोनों ही बार टेंडर प्रक्रिया में उपयुक्त न्यूनतम तीन फर्में नहीं मिल सकी हैं। पहली बार दो फर्म और दूसरी बार एक ही फर्म क्वालीफाई कर सकी है। तीसरी बार टेंडर प्रक्रिया की तैयारी चल रही है।
विज्ञापन

- सुशील त्रिपाठी, प्रभारी बीएसए
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें