मुरारी दास गली में स्थित दुकानें व कांप्लेक्स।
- फोटो : SULTANPUR
सुल्तानपुर। जिला मुख्यालय लेकर कस्बों तक में बनी दुकानों और बहुमंजिला इमारतों में आग से बचाव के बंदोबस्त नहीं हैं। प्रति वर्ष आग लगने से करोड़ों रुपये की क्षति होती है। इसके बावजूद कोई सबक लेने को तैयार नहीं है। इस मामले में फायर विभाग ने 19 कांप्लेक्स संचालकों को नोटिस भेजी है।
शहर के खैराबाद मोहल्ले में मोहम्मद अहमद के कांप्लेक्स में पिछले रविवार को आग लग गई थी। आग पर काबू पाने में फायर विभाग को पांच घंटे का वक्त लगा था। जांच के बाद पता चला कि कांप्लेक्स में आग से बचाव के कोई इंतजाम नहीं थे। बिल्डिंग में दाखिल होने के लिए भी कोई अलग से रास्ता नहीं था। हालत यह है कि शहर के 99 फीसदी कांप्लेक्स और दुकान में आग से बचाव के कोई बंदोबस्त नहीं है। अधिकांश होटलों में भी आग पर काबू पाने के लिए निर्धारित एक्सटिंग्यूसर नहीं लगे हैं। शहर और ग्रामीण अंचल की बाजारों में करीब दो हजार कांप्लेक्स और दुकानें हैं। मुख्यालय पर फायर स्टेशन है।
इसके साथ ही कादीपुर और जयसिंहपुर में भी फायर स्टेशन खुले हैं और बाकायदा संचालित भी हो रहे हैं। नियमत: फायर स्टेशन अफसर की जिम्मेदारी होती है कि कांप्लेक्स अथवा कॉमर्शियल निर्माण होने पर मौके पर जाकर जांच करें और संबंधित को फायर एक्सटिंग्यूसर लगवाने का निर्देश दें, लेकिन धरातल पर ऐसा नहीं हो रहा है। सीएफओ संजय कुमार शर्मा ने बताया कि 19 ऐसे कांप्लेक्स और दुकानें हैं, जहां जांच के दौरान आग से बचाव की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे लोगों को नोटिस भेजी गई है। उन्होंने कहा कि अभियान चलाकर जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण अंचल तक जांच की जाएगी। जहां भी आग से बचाव की व्यवस्था नहीं है, उन्हें इस संबंध में निर्देशित किया जाएगा।
इन इलाकों में हो जाएगी तबाही
शहर के चौक इलाके में शामिल मुरारीदास की गली, बाटा गली, रुहट्ठा गली, हनुमानगढ़ी के पीछे बनी दुकानें शामिल हैं। इन इलाकों में बनी सड़कें बेहद संकरी हैं और दुकानदार भी बेसमेंट में गोदाम बनाकर प्रतिदिन कारोबार कर रहे हैं। यदि इन स्थानों पर आग लग जाए तो बड़ी तबाही होगी।