करौंदीकलां थाना क्षेत्र के बौढ़िया बालमऊ मदैया का पुरवा क्षेत्र में शनिवार दोपहर आग ने कहर बरपाया। अज्ञात कारणों से लगी आग से करीब डेढ़ किलोमीटर वन क्षेत्र, दो मकान और पांच बीघा गेहूं की फसल राख हो गई।
फायर ब्रिगेड ने ग्रामीणों के सहयोग से करीब तीन घंटे बाद आग को काबू किया। फायर ब्रिगेड के विलंब से पहुंचने को लेकर ग्रामीणों में रोष रहा। बौढ़िया बालमऊ गांव के मदैया का पुरवा से सटा वन क्षेत्र है।
दोपहर करीब एक बजे मदैया का पुरवा निवासी भगौती प्रसाद तिवारी के मकान के पास जंगल में अचानक आग लग गई। पछुआ तेज हवा ने आग में घी का कम किया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
आग का दायरा बढ़ता चला गया। वन क्षेत्र में स्थित आम, नीम, जामुन, बांस, सरपत समेत अन्य पेड़ पौधे आग की चपेट में आकर जलने लगे। इस बीच आग ने वन क्षेत्र से सटे गांधी व जगदीश के कच्चे मकान को भी अपनी चपेट में ले लिया।
गांव में चारों तरफ अफरातफरी मच गई। ग्रामीणों ने आग की सूचना फायर ब्रिगेड को देते हुए उसे काबू करने की कोशिश में लग गए। वन क्षेत्र के आसपास पानी की व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को आग बुझाने में काफी परेशानी हुई।
इस दौरान आग का दायरा बढ़कर खटकी कास्त चिरान व बांगरखुर्द गांव तक पहुंच गया। वन क्षेत्र से सटे छोटेलाल, सिद्घनाथ व राधे के खेत में खड़ी गेहूं की फसल भी जलने लगी। तीनों किसानों की करीब दो बीघे फसल जलकर राख हो गई।
उधर, खटकी कास्त चिरान गांव के राधे निषाद, जोखन व किशोर के करीब तीन बीघे गेहूं की फसल भी आग की चपेट में आ गई। दोनों गांव के किसानों की करीब पांच बीघे गेहूं की फसल आग से जलकर राख हो गई। ग्रामीण आग बुझाने की कवायद में जुटे थे। इसी बीच फायर ब्रिगेड पहुंच गई। उसने ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू पा लिया।