वलीपुर। शारदा सहायक खंड-16 नहर में नौ सितंबर को मनीषा (24) और उसके नवजात के शव मिलने के मामले में नया मोड आ गया है। मृतका के पिता जगजीवन की तहरीर पर शुक्रवार को पुलिस ने पति अखिलेश कुमार, उसके भाई लवकेश और पिता देवराज को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज की है। पिता ने आरोप लगाया है कि छह सितंबर को मनीषा की पिटाई करने के बाद उसे और उसके नवजात को नहर में फेंक दिया गया।
जगजीवन के मुताबिक अखिलेश 25 जनवरी को मनीषा को झांसा देकर अपने साथ ले गया था। बाद में दोनों एक रिश्तेदार के यहां रह रहे थे। घटना के समय मनीषा आठ माह की गर्भवती थी। आरोप है कि छह सितंबर को अखिलेश और देवराज ने उनकी बेटी से मारपीट की और इसके बाद उसे नहर में फेंक दिया।
छह सितंबर को अखिलेश मनीषा को लेकर आधार कार्ड बनवाने के लिए निकला था। रास्ते में मनीषा ने उससे समोसा लाने को कहा। अखिलेश के बाजार जाने के बाद मनीषा लापता हो गई। अखिलेश ने डायल-112 और थाने में सूचना दी। नौ सितंबर को नहर में महिला और नवजात के शव मिले। पहचान मनीषा के रूप में होने के बाद पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया। प्रभारी निरीक्षक महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि तीन लोगों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
आधार कार्ड बनवाने निकली थी, फिर नहर में मिला शव
मनीषा छह सितंबर को पति अखिलेश के साथ घर से निकली थी। पिता जगजीवन का कहना है कि बेटी का आधार कार्ड पहले से बना था। इसके बावजूद अखिलेश उसे आधार कार्ड बनवाने के नाम पर लेकर गया। रास्ते में अखिलेश के बाजार जाने के बाद मनीषा लापता हो गई। तीन दिन बाद उसका और नवजात का शव नहर में मिला। पिता ने घटनाक्रम को आधार बनाकर पति सहित तीन लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है।