अमेठी। अमेठी इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल एंड साइंसेज से जुड़ी छात्राओं की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शनिवार को छात्राएं बरेली पहुंचीं और वहां अपनी फाइनल प्रैक्टिकल परीक्षा पूरी की। लेकिन अब परिणाम और मार्कशीट पर संकट मंडराने लगा है।
छात्राओं का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने साफ कह दिया है कि संस्थान ने उनका पैसा जमा नहीं किया है। सात दिन के भीतर बकाया जमा न होने पर परिणाम रोक दिया जाएगा।छात्रा शिवानी और सलोनी ने बताया कि संस्थान ने पहले ही लाखों रुपये वसूल लिए थे। किसी ने घर का सामान बेचा, किसी ने जमीन गिरवी रखी तो किसी ने रिश्तेदारों से कर्ज लिया।
इसके बावजूद अब बरेली का कॉलेज उनसे दोबारा रुपये मांग रहा है। छात्रा नेहा ने बताया कि परीक्षा के दौरान स्पष्ट कर दिया गया कि एक सप्ताह के भीतर भुगतान नहीं हुआ तो न तो रिजल्ट मिलेगा और न ही मार्कशीट। छात्राओं ने कहा कि यह सरासर अन्याय है।
उन्होंने बताया कि परीक्षा देकर उन्होंने अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी है। अब डिग्री रोकना उनके भविष्य को अधर में डालने जैसा है। छात्राओं का कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो पूरा साल बर्बाद हो जाएगा। जौनपुर की एएनएम छात्राएं प्रिंश और कोमल ने बताया कि उनके अभिभावकों ने कर्ज लेकर फीस भरी थी। अब दोबारा रुपये देना संभव नहीं है। इसी तरह नोएडा में पंजीकृत जेएनएम छात्राओं ने भी कहा कि उन्होंने अमेठी संस्थान में पूरी रकम जमा कर दी है, लेकिन अब उनके रिजल्ट पर भी संकट खड़ा हो गया है।
छात्राओं ने आरोप लगाया कि संचालकों की ओर से पहले ही उनसे मोटी रकम ली गई थी। अब बरेली और अन्य कॉलेज फीस न मिलने की बात कहकर नए भुगतान की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रैक्टिकल देकर उन्होंने अपनी जिम्मेदारी निभा दी है। ऐसे में रिजल्ट रोकना शिक्षा और भविष्य से खिलवाड़ है।