संपत्ति के विवाद में चचेरी बहन की गोली मारकर हत्या करने के मामले में कोर्ट ने शुक्रवार को हत्या आरोपी पिता-पुत्र को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। मामला चांदा थाने के कसईपुर गांव का है।
गांव निवासी जयकरन की पुत्री कौशिल्या की शादी चांदा थाने के सेमरी खुर्द गांव निवासी रामखुशियाल के साथ हुई थी। कौशिल्या अपने मां-बाप की इकलौती संतान थी। संपत्ति के विवाद में कौशिल्या की चचेरे भाई रामबरन से रंजिश चल रही थी। 19 अक्तूबर 2009 की रात रामबरन ने पुत्रों नन्हेंलाल व मोतीलाल के साथ मिलकर चचेरी बहन कौशिल्या की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतका के पति रामखुशियाल की तहरीर पर आरोपियों रामबरन, नन्हेंलाल व मोतीलाल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।
आवश्यक वस्तु अधिनियम के विशेष अपर सत्र न्यायाधीश सूबेदार यादव ने साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद गुरुवार को हत्या आरोपी रामबरन व नन्हेंलाल को दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया था। शुक्रवार को दोनों अभियुक्तों को पुलिस ने जेल से लाकर कोर्ट में पेश किया।
न्यायाधीश ने बचाव पक्ष व अभियोजन पक्ष से सरकारी वकील गोरखनाथ शुक्ल की सजा के बिंदु पर सुनवाई करने के बाद हत्या आरोपी रामबरन व नन्हेंलाल को उम्रकैद व जुर्माना की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया। सह अभियुक्त मोतीलाल घटना के बाद से फरार है।