सुल्तानपुर। 10 वर्ष पूर्व हुए नसीर अहमद हत्याकांड के मामले में बुधवार को जिला जज जय प्रकाश पांडेय की कोर्ट ने गवाहों व साक्ष्य के आधार पर आरोपी पिता-पुत्र को दोषी करार दिया। कोर्ट ने दोषियों को सजा सुनाने के लिए शुक्रवार एक सितंबर की तिथि तय की है।
कोर्ट ने दोषी पिता को जेल भेजने के साथ ही फैसले के समय गैर हाजिर रहे पुत्र के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर उसकी गिरफ्तारी का आदेश भी दिया। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता अजीजुर्रहमान ने बताया कि कुड़वार थाने के ग्राम महराजगंज मौजा शादीपुर निवासी रिजवान अहमद व उसका पुत्र निजाम अहमद 29 मई 2013 को आबादी की जमीन में पिलर बनवाने के लिए गड्ढा खोद रहे थे। इसका विरोध करने पर आरोपियों ने गांव के नसीर अहमद (65) की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
इस दौरान बीच-बचाव के लिए पहुंचे नसीर के पुत्र रहबर, अमीर व बहू अफसरुल को भी घायल कर दिया था। पुलिस ने आरोपी पिता पुत्र रिजवान अहमद व निजाम अहमद के खिलाफ हत्या व जानलेवा हमले का केस दर्ज किया था। अभियोजन पक्ष ने घटना को साबित करने के लिए नौ गवाहों को कोर्ट में पेश किया। बुधवार को जिला जज जय प्रकाश पांडेय ने आरोपी रिजवान अहमद व उसके पुत्र निजाम अहमद को दोषी करार देते हुए शुक्रवार को सजा सुनाए जाने की तिथि तय की।
विफल हुई थी किशोर साबित करने कोशिश
मामले की सुनवाई के दौरान हत्यारोपी निजाम को किशोर साबित करने की कोशिश विफल साबित हुई थी। चार जून 2015 को पहले एडीजे कोर्ट ने और बाद में 22 जून 2015 को हाईकोर्ट ने आरोपी को किशोर साबित किए जाने की अर्जी खारिज कर दी थी।