भाजपा सांसद वरुण गांधी ने सोमवार को अपने दौरे के दौरान प्रदेश सरकार को घेरा। कहा कि योजनाएं तो बहुत हैं लेकिन वे सिर्फ कागजों में। उन्होंने बेरोजगारों एवं महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए संचालित योजनाओं पर भी सवाल उठाया। कहा कि सूखे व बेमौसम बारिश से किसान आत्म हत्या कर रहे हैं लेकिन राजनीति सेवा के बजाय व्यवसाय का माध्यम बनी है।
अपने लोकसभा क्षेत्र के इसौली विधानसभा क्षेत्र में सोमवार को अलग-अलग जगहों पर 10 नुक्कड़ सभाओं को संबोधित करते हुए सांसद वरुण गांधी ने योजनाओं पर सरकार को घेरा। कहा कि सूबे में योजनाएं तो बहुत हैं लेकिन वे सिर्फ कागजों पर हैं। वे देखना चाहते हैं कि समाज के अंतिम व्यक्ति को योजनाओं का कितना लाभ मिला। बेरोजगारों व महिलाओं के लिए संचालित योजनाओं पर भी उन्होंने सवाल उठाया। कहा कि नौकरी नहीं मिलने से बेरोजगार बाहर पलायन कर रहे हैं।
महिलाओं की दशा दयनीय है। सूबे में बेमौसम बारिश व सूखे से किसान आत्महत्या कर रहे हैं लेकिन कोई पूछने वाला नहीं है। किसान कर्ज लेता है तो उसे बंद कर दिया जाता है जबकि ज्यादा कर्ज लेने वाले उद्योगपतियों को कोई पूछने वाला नहीं है। बांदा में परेशान 56 हजार किसान पलायन कर चुके हैं। पलायन रोकना सरकार की जिम्मेदारी है। अपनी सभी सभाओं में उन्होंने व्यवस्था परिवर्तन की जरूरत बताते हुए कहा कि योजनाओं के सही संचालन से ही देश की तरक्की संभव है। यह तभी संभव है जब लोग राजनीति सेवा भाव से करें। आज राजनीति सेवा की जगह व्यवसाय का माध्यम बन गई है। सभाओं में वरुण गांधी ने आज फिर दोहराया कि वे अपना पांच साल का वेतन गरीबों को दान करने का संकल्प ले चुके हैं।
जरूरतमंदों को वेतन की धनराशि दी जा रही है। उन्होंने इसौली के राजापुर, सुरेशनगर, बल्दीराय, समरथपुर, रामनगर समेत 10 स्थानों पर सभा करके लोगों को संबोधित किया। दौरे के दौरान वे कुछ लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं भी सुनीं। इस दौरान डॉ. सीताशरण त्रिपाठी, विधानसभा सांसद प्रतिनिधि ओमप्रकाश पांडेय बजरंगी, राजधर शुक्ला, अशोक यादव, राजमणि पांडेय, नरेंद्र अग्रहरि, आशीष सिंह रानू,परमानंद, शिवबक्श सिंह मौजूद रहे।