सुल्तानपुर। किसानों को खेती की जानकारी देने के लिए अब खसरा-खतौनी की जरूरत नहीं पड़ेगी। सत्यापन के लिए लेखपालों की भागदौड़ भी खत्म हो जाएगी। फार्मर रजिस्ट्री से किसानों की खेती का विवरण ऑनलाइन किया जा रहा है। फार्मर आईडी बन जाने से किसानों के खेत का पूरा डाटा कंप्यूटर पर दिखेगा।
फार्मर रजिस्ट्री के लिए कृषि विभाग को 5,27,582 किसानों का लक्ष्य मिला है। लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक 2,10,827 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बन चुकी हैं। फार्मर रजिस्ट्री बनवाने के लिए किसान का नाम, पिता का नाम, पता, खतौनी, आधार कार्ड और लिंक मोबाइल नंबर की जरूरत पड़ती है। यह कार्य किसी भी जनसुविधा केंद्र पर किसान निर्धारित शुल्क पर करवा सकते हैं। फार्मर रजिस्ट्री बनने के बाद आईडी नंबर कंप्यूटर पर डालते ही किसान का संपूर्ण विवरण स्क्रीन पर आ जाएगा। इसमें पंजीकरण के बाद ही किसान सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकेंगे। हालांकि जिले में फार्मर रजिस्ट्री की रफ्तार काफी सुस्त है।
किसानों को मिलेंगी ये सुविधाएं
उप निदेशक कृषि रामाश्रय यादव ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री बनने से किसानों को बार-बार केवाईसी कराने के झंझट से छुटकारा मिल जाएगा। किसान सम्मान निधि समेत अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिलने लगेगा। इसके अलावा बैंक से कर्ज लेने में भी आसानी होगी।