सुल्तानपुर। जिले में फार्मर रजिस्ट्री की रफ्तार में सर्वर की समस्या आड़े आ रही है। अधिकांश किसानों के फार्मर रजिस्ट्री में आधार से खतौनी में नाम की भिन्नता की सबसे बड़ी समस्या है। इन समस्याओं को दूर कराने में अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। रोजाना सुबह-शाम जनसुविधा केंद्रों का चक्कर लगाने से किसान थक चुके हैं।
कृषि विभाग के मुताबिक, जिले में 5,27,582 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बनाई जानी है। कृषि और राजस्व विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। दिसंबर 2024 से फार्मर रजिस्ट्री का कार्य चल रहा है। शुरुआती दिनों में कृषि विभाग की ओर से ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर लगाए गए। इसके बाद पंचायत भवनों पर शिविर के जरिए किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बनाई गई।
फिर भी फार्मर रजिस्ट्री का कार्य जोर नहीं पकड़ रहा है। जनवरी से जनसुविधा केंद्रों से किसानों को फार्मर रजिस्ट्री कराने को कहा गया है। केंद्र संचालक भोले-भाले किसानों से मनमानी वसूली कर रहे हैं। फार्मर रजिस्ट्री के दौरान किसानों के आधार नाम के साथ खतौनी में दर्ज नाम में गड़बड़ी है। इसके चलते फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है।
किसानों ने बताई परेशानी
अलीगंज कस्बे में जनसुविधा केंद्र पर मंगलवार को दाउदपुर निवासी किसान शंकर लाल फार्मर रजिस्ट्री कराने गए। केंद्र संचालक सरवर अली ने कहा कि इनका नाम आधार में शंकर लाल और खतौनी में शंकर राम है। नाम में भिन्नता होने की वजह से फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। कुछ इसी तरह की समस्या सुनील कुमार तिवारी, राजकुमार शर्मा और महेंद्र कुमार भी रही। इन किसानों के आधार और खतौनी के नाम में मिसमैच बताया जा रहा है।
1,93,539 किसानों की हुई फार्मर रजिस्ट्री
उप कृषि निदेशक रामाश्रय यादव ने बताया कि जिले में 5,27,582 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का लक्ष्य है। इसके सापेक्ष अब तक 1,93,539 किसानों की हुई फार्मर रजिस्ट्री हुई। किसानों के नाम में गड़बड़ी की समस्या को दूर कराने का प्रयास किया जा रहा है।