मोतिगरपुर के काछा भिटौरा गांव में एसडीएम से बात करते मृतक के परिजन।
मोतिगरपुर। काछा भिटौरा निवासी सीताराम पर गत 10 अप्रैल को विपक्षियों ने हमला कर दिया। उनकी मेडिकल कॉलेज सुल्तानपुर में शनिवार रात इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद रविवार रात करीब आठ बजे मृतक का शव घर पहुंचा तो परिवार में चीख-पुकार मच गई। सोमवार को हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े परिजनों ने शव के अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिया।
एसडीएम व सीओ जयसिंहपुर के समझाने के बाद शाम करीब चार बजे 20 घंटे बाद गांव में ही शव का अंतिम संस्कार किया गया। मृतक सीताराम की पत्नी गुलाबा देवी ने बताया कि गत 10 अप्रैल की सुबह उनकी बहू व बेटा खेत में गेहूं काटने गए थे। उनका आरोप है कि उसी समय भूमि विवाद में गांव के राम कृपाल, उनके पिता भगेलू, उनकी पत्नी व अन्य परिजन उनके घर के सामने पहुंचे।
आरोपियों ने उनके पति सीताराम पर लाठी से हमला कर दिया था। हमले में उनके पति सीताराम गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनकी मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। इस मामले में स्थानीय पुलिस की कार्रवाई पर उन्होंने सवाल उठाया। उनके पुत्र पिंटू निषाद ने कहा कि वारदात के बाद उन्हें मोतिगरपुर थाने में पुलिस ने पांच घंटे तक बिठाया था।
गंभीर हमले में पुलिस ने हल्की धाराओं में विपक्षियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। अभी तक सिर्फ दो आरोपियों को पुलिस पकड़ सकी है। परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। एसडीएम जयसिंहपुर प्रभात कुमार सिंह व सीओ जयसिंहपुर राम कृष्ण चतुर्वेदी काछा भिटौरा गांव पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इसके बाद देर शाम करीब पांच बजे परिजनों ने शव का गांव में ही अंतिम संस्कार कर दिया। सीओ जयसिंहपुर आरके चतुर्वेदी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर धाराओं में वृद्धि की जा रही है।