सुल्तानपुर। दीपोत्सव नजदीक आते ही जिले में मिलावट खोर सक्रिय हो गए हैं। कानपुर मंडी से मिलावटी खोवा और मिठाई की खेप जिले में पहुंचने लगी है। संबंधित महकमा अभी तक मिलावट खोरों के खिलाफ अभियान नहीं शुरू कर सका है। मिलावटी खाद्य पदार्थ के सेवन से बच्चे से लेकर बड़े बुजुर्ग तक गंभीर रोगों की चपेट में आ सकते हैं।
दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही खाद्य पदार्थ में मिलावट करने वाले सक्रिय हो जाते हैं। दूध, खोवा, घी, मक्खन, तेल, मिठाई में मुनाफा कमाने के लिए मिलावट खोरी की जाती है। मिलावट खोर खाद्य पदार्थ में यूरिया, डिटर्जेंट, सोडा, स्टार्च, हाइड्रोजन पैरॉक्साइड, फॉर्मेलिन समेत कई नुकसान करने वाली चीजों की मिलावट करते हैं।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीमें त्योहार के मद्देनजर सक्रिय होने का दावा करती हैं। बावजूद इसके प्रत्येक वर्ष रोड वेज की बसों में मिलावटी खोवा भारी मात्रा में बरामद किया जाता है, लेकिन मिलावट खोर बच निकलते हैं।
फेल हो सकता लीवर व गुर्दा
सुल्तानपुर। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. पंकज पांडेय बताते हैं कि यदि खाद्य पदार्थ में यूरिया, डिटर्जेंट, सोडा, स्टॉर्च, हाइड्रोजन पैरॉक्साइड, फॉर्मेलिन आदि की मिलावट की जाती है तो लीवर, गुर्दा खराब हो सकता है। पेट की घातक बीमारियां जन्म लेती हैं।
थोड़ी सी सावधानी से करें सुरक्षा
मुख्य खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन अधिकारी राजीव मिश्र बताते हैं कि थोड़ी सी जानकारी से मिलावटी पदार्थों से बचा जा सकता है। उन्होंने खाद्य पदार्थ दूध, खोवा, घी, मक्खन, तेल के सामान्य अपमिश्रण के परीक्षण की विधि के बारे में जानकारी दी।