सुल्तानपुर। जिले में बैंकिंग व्यवस्था अब लगभग हर परिवार की पहुंच में है। 99.4 फीसदी परिवारों में किसी सदस्य का बैंक या डाकघर खाता है। खास बात यह है कि स्वास्थ्य बीमा के मामले में भी जिले ने तेजी से कदम बढ़ाए हैं। वर्ष 2019-21 में जहां केवल 20.7 फीसदी परिवार स्वास्थ्य बीमा या वित्तीय स्वास्थ्य योजना से जुड़े थे, वहीं 2023-24 में यह आंकड़ा बढ़कर 41.9 फीसदी हो गया। यानी दो साल में स्वास्थ्य सुरक्षा का दायरा करीब दोगुना हो गया।
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-6) के यह आंकड़े जिले में वित्तीय सुरक्षा के बढ़ते दायरे की तस्वीर पेश करते हैं। बैंक खाता अब ज्यादातर परिवारों की रोजमर्रा की जरूरत का हिस्सा बन चुका है। 99.4 फीसदी परिवारों का बैंक या डाकघर से जुड़ना जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है। स्वास्थ्य बीमा में भी बढ़ोतरी उत्साहजनक है। दो साल में कवरेज 20.7 से बढ़कर 41.9 फीसदी हुआ है। हालांकि अभी 58.1 फीसदी परिवार स्वास्थ्य बीमा या वित्तीय स्वास्थ्य योजना से बाहर हैं। ऐसे में बैंकिंग के बाद स्वास्थ्य सुरक्षा का दायरा बढ़ाना अगला अहम कदम होना चाहिए। (संवाद)
बीमा था, इसलिए एक लाख रुपये की चिंता टली
शहर के रहने वाले शिव कुमार अग्रहरि ने परिवार के लिए पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा करा रखा था। अचानक सीने में दर्द होने पर निजी अस्पताल में जांच हुई। डॉक्टरों ने स्टेंट डालने की बात कही और तत्काल एक लाख रुपये जमा करने को कहा। परिजनों के मुताबिक, बीमा नहीं होता तो इतनी बड़ी रकम का तत्काल इंतजाम करना मुश्किल होता।
बीमा नहीं था, इलाज का खर्च बना बोझ
मिश्राने निवासी राम सुमिरन स्वास्थ्य बीमा से नहीं जुड़े थे। आंत में संक्रमण के बाद शुरुआत में नियमित जांच नहीं कराई। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बेटे राम शंकर सिंह के मुताबिक इलाज में परिवार को काफी रकम खर्च करनी पड़ी। उनका कहना है कि स्वास्थ्य बीमा होने पर बीमारी के समय खर्च का दबाव कुछ कम हो सकता था।
बैंक खाता बना, अब स्वास्थ्य सुरक्षा की बारी
आर्थिक मामलों के जानकार व चार्टर्ड अकाउंटेंट सुनील शर्मा बताते हैं कि बैंक या डाकघर खाते की पहुंच 99.4 फीसदी परिवारों तक पहुंचन जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है। स्वास्थ्य बीमा का दायरा भी दो साल में करीब दोगुना हुआ है। अब 58.1 फीसदी परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ना अगला बड़ा कदम होना चाहिए। सलाह दी कि बीमा लेते समय केवल प्रीमियम नहीं देखना चाहिए। पॉलिसी की शर्तें, इलाज का कवरेज और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को भी ध्यान से पढ़कर ही बीमा पॉलिसी लेना चाहिए।
आंकड़ों में जिले की तस्वीर
99.4% : परिवारों में बैंक या डाकघर खाता
41.9% :परिवार स्वास्थ्य बीमा/वित्तीय स्वास्थ्य योजना से जुड़े
58.1% :परिवार अभी स्वास्थ्य बीमा से बाहर
20.7% :2019-21 में स्वास्थ्य बीमा कवरेज
41.9% : 2023-24 में स्वास्थ्य बीमा कवरेज
20.7 से 41.9% : दो साल में स्वास्थ्य बीमा का दायरा करीब दोगुना