ओवर ब्रिज निर्माण जैसे अतिमहत्वपूर्ण कार्य में भी सेतु निगम के इंजीनियर खेल करने से बाज नहीं आए। शहर में करीब 27 करोड़ रुपये से दरियापुर रेलवे क्रॉसिंग पर निर्मित ओवर ब्रिज के निर्माण में इंजीनियरों ने डिजाइन को दरकिनार कर दिया। डिजाइन के विपरीत जाकर इंजीनियरों ने एक सिरे की भुजा छोटी कर दी है। इस खामी से ब्रिज की मजबूती कम होने के साथ वाहनों के लिए हमेशा मुश्किल खड़ी हो गई है। खामियों को छुपाने के लिए इंजीनियर अब इसका लोकार्पण करने से कतरा रहे हैं।
ओवर ब्रिज जैसे अतिमहत्वपूर्ण कार्य में भी उप्र सेतु निगम के इंजीनियरों की ओर से खेल किए जाने का मामला सामने आया है। शहर में करीब 27 करोड़ रुपये की लागत से दरियापुर रेलवे क्रॉसिंग पर बने 75बी ओवर ब्रिज के निर्माण में इंजीनियरों ने ड्राइंग को ही दरकिनार कर दिया। सेतु निगम के इंजीनियरों ने कुछ स्थानीय लोगों से समझौता कर डिजाइन के विपरीत ब्रिज के एक सिरे का निर्माण कर दिया। उत्तरी सिरे को मानक के मुताबिक जमीन पर गिराने के लिए आगे बढ़ाने के बजाय कुछ दुकानों की खातिर इंजीनियरों ने उसे करीब 50 मीटर पहले ही गिरा दिया।
पुल पर एकाएक चढ़ाई शुरू होने से वाहनों व राहगीरों के लिए हमेशा के लिए समस्या बन गई है। यही नहीं ओवरब्रिज की उत्तरी भुजा सड़क पर पहले गिराकर कर इंजीनियरों ने कई लाख रुपये की बचत भी कर ली है। सूत्रों के मुताबिक ब्रिज के निर्माण में हुई इस खामी को छुपाने के लिए सेतु निगम के इंजीनियर इसका लोकार्पण कराने से पीछे हट रहे हैं।
मेरे समय में नहीं हुआ निर्माण
सेतु निगम के उप परियोजना प्रबंधक जसवंत सिंह सयाना का कहना है कि ब्रिज का निर्माण मेरे समय में नहीं हुआ था। इसकी जिम्मेदारी पूर्व के इंजीनियरों की है। वैसे उन्होंने अभी इस खामी को नहीं देखा है।
गड़बड़ी पर होगी जांच
जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने कहा कि उन्हें इस खामी की जानकारी नहीं है। इसकी जानकारी की जाएगी। यदि गड़बड़ी है तो जांच कराई जाएगी।